Nvidia Employee Buys Bangalore Home For ₹3.5 Crore In Bidding War

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AuthorAditya Rao|Published at:
Nvidia Employee Buys Bangalore Home For ₹3.5 Crore In Bidding War

बैंगलोर में एक खरीदार 3 BHK का घर खरीदने से चूक गया, क्योंकि Nvidia के एक कर्मचारी ने तुरंत **₹3.5 करोड़** की पूरी कीमत चुका दी। यह घटना दिखाती है कि कैसे टेक सेक्टर की हाई सैलरी और स्टॉक-आधारित भुगतान, बैंगलोर के प्राइम इलाकों में कीमतें बढ़ा रहे हैं।

टेक सेक्टर की कमाई से रियल एस्टेट में उबाल!

बैंगलोर के रियल एस्टेट मार्केट में टेक सेक्टर की ग्रोथ का असर साफ दिख रहा है। हाल ही में, महादेवनपुरा इलाके में एक 3 BHK अपार्टमेंट खरीदने की कोशिश कर रहे एक खरीदार को तब झटका लगा जब Nvidia के एक कर्मचारी ने बिना मोलभाव किए, ₹3.5 करोड़ की पूरी आस्किंग प्राइस पर सौदा पक्का कर लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने ₹10 लाख ब्रोकरेज फीस भी तुरंत चुका दी।

हाई-टेक सैलरी का असर

यह घटना टॉप टेक कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों की मजबूत फाइनेंशियल पोजीशन को दर्शाती है। इन कर्मचारियों को अक्सर मोटी सैलरी के साथ-साथ स्टॉक ऑप्शन्स (Stock Options) भी मिलते हैं। जब ये स्टॉक वेस्ट (Vested) होते हैं, तो इस वेल्थ का एक बड़ा हिस्सा हाई-एंड रियल एस्टेट में लगाया जाता है। इससे घरों के लिए कॉम्पिटिशन बढ़ जाता है, खासकर उन इलाकों में जो बड़े कॉर्पोरेट ऑफिसों के करीब हैं। ऐसे में, समान फाइनेंशियल पावर वाले खरीदारों के लिए प्रॉपर्टी खरीदना मुश्किल हो जाता है।

Nvidia का बढ़ा ऑफिस स्पेस

दिलचस्प बात यह है कि Nvidia ने हाल ही में इसी महादेवनपुरा इलाके में 7.6 लाख वर्ग फुट का ऑफिस स्पेस 10 साल के लिए लीज पर लिया है। इस डील की वैल्यू करीब ₹1,230 करोड़ है। यह दिखाता है कि यह इलाका क्यों हाई डिमांड में है। जब कंपनियां बड़े ऑफिस स्पेस लेती हैं, तो उनके कर्मचारी अक्सर आस-पास ही घर तलाशते हैं, जिससे इन पॉकेट्स में डिमांड और भी बढ़ जाती है।

बाज़ार में दो रफ्तार?

हालांकि, टेक-ड्रिवन डिमांड से रियल एस्टेट मार्केट में दो अलग-अलग रफ्तार देखने को मिल रही है। एक तरफ, टेक पार्कों के पास प्रीमियम इलाके में प्रॉपर्टीज की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और फटाफट बिक रही हैं। वहीं, दूसरी तरफ, बाकी का रियल एस्टेट मार्केट अभी भी थोड़ा सतर्क है।

क्या यह ट्रेंड जारी रहेगा?

टेक सेक्टर पर यह निर्भरता दोधारी तलवार है। अगर ग्लोबल टेक सेक्टर में मंदी आती है, कंपनियां हायरिंग कम करती हैं, या स्टॉक इंसेंटिव घटाती हैं, तो इन हाई-एंड रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज को खरीदने की पॉवर कम हो सकती है। ऐसे में, इन हॉटस्पॉट्स में डिमांड में नरमी आ सकती है।

रियल एस्टेट सेक्टर या हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में निवेश करने वाले इन्वेस्टर्स को टेक इंडस्ट्री के ओवरऑल ट्रेंड्स पर नजर रखनी चाहिए। कंपनियों की हायरिंग प्लान्स, आईटी जॉब मार्केट की स्टेबिलिटी और इकोनॉमी की हेल्थ जैसे फैक्टर्स ही तय करेंगे कि बैंगलोर के प्रीमियम हाउसिंग मार्केट में यह इंटेंस डिमांड जारी रहेगी या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.