Noida Authority ने 45 मीटर से चौड़ी सड़कों के किनारे वाले आवासीय प्रोजेक्ट्स के लिए FAR की अधिकतम सीमा को खत्म कर दिया है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा मंजूर इस फैसले का मकसद जमीन की कमी को दूर कर वर्टिकल ग्रोथ को बढ़ावा देना है।
नियम में बड़ा बदलाव
Noida Authority ने अपनी 224वीं बोर्ड मीटिंग में एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। अब 45 मीटर से चौड़ी सड़कों पर बनने वाले हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) की कोई अधिकतम सीमा नहीं होगी। यह फैसला 9 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश कैबिनेट की मंजूरी के बाद लिया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
आसान शब्दों में कहें तो FAR तय करता है कि एक प्लॉट पर कुल कितना निर्माण किया जा सकता है। पहले यह सीमा 3.5 पर फिक्स थी। जमीन की बढ़ती कीमतों—जो अब ₹200 करोड़ प्रति एकड़ के पार पहुंच चुकी हैं—के कारण डेवलपर्स के लिए प्रोजेक्ट्स को फाइनेंशियली वायबल बनाना मुश्किल हो रहा था। अब वे वर्टिकल विस्तार कर पाएंगे।
सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य
इसका मतलब यह नहीं है कि निर्माण मनमर्जी से होगा। फायर सेफ्टी, एविएशन क्लीयरेंस और स्ट्रक्चरल ऑडिट जैसे नियम पहले की तरह लागू रहेंगे। इन नियमों की निगरानी के लिए Noida, Greater Noida और Yamuna प्राधिकरणों की एक संयुक्त कमेटी बनाई गई है।
रियल एस्टेट पर क्या होगा असर?
यह कदम डेवलपर्स के लिए तो फायदेमंद है, लेकिन इसके साथ कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हैं। सबसे बड़ा खतरा सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता दबाव है। अगर पानी, सीवर और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को उसी गति से अपग्रेड नहीं किया गया, तो हाई-राइज इलाकों में रहने की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि क्या आने वाले समय में प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं का विकास भी तेजी से हो पाएगा।
