Noida का रियल एस्टेट मार्केट अब तेजी से हाई-एंड 'सर्विस रेजिडेंस' की ओर शिफ्ट हो रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के दम पर यहां प्रॉपर्टी की कीमतों में सालाना **10%** की बढ़त देखी गई है।
नोएडा का रेजिडेंशियल मार्केट अब पारंपरिक लग्जरी अपार्टमेंट्स से आगे निकलकर सर्विस रेजिडेंस (Serviced Residences) की ओर बढ़ रहा है। इस बदलाव की बड़ी वजह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जापान सिटी और इंटरनेशनल फिल्म सिटी जैसे आगामी बड़े प्रोजेक्ट्स हैं। ये प्रोजेक्ट्स सीनियर एग्जीक्यूटिव्स और ग्लोबल प्रोफेशनल्स को आकर्षित कर रहे हैं, जिन्हें हाउसकीपिंग और कंसीयज जैसी मैनेज्ड सर्विस वाली प्रॉपर्टीज की तलाश है।
Cushman & Wakefield की हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहली तिमाही में नोएडा के प्रीमियम रेजिडेंशियल सेगमेंट में कैपिटल वैल्यू 10% सालाना बढ़ी है। फिलहाल इन हाई-एंड यूनिट्स के दाम ₹14,500 से ₹18,000 प्रति स्क्वायर फुट के बीच हैं, जबकि इनका मासिक किराया ₹77,000 से ₹1.35 लाख तक जा पहुंचा है।
Godrej Properties, M3M, और Smartworld जैसे बड़े डेवलपर्स अब अपनी पाइपलाइन में ऐसे गेटेड लग्जरी कम्युनिटीज को शामिल कर रहे हैं, जहां फिटनेस सेंटर्स और प्रोफेशनल कोचिंग जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।
हालांकि, निवेशकों के लिए सावधानी जरूरी है। रियल एस्टेट में कंस्ट्रक्शन में देरी और लागत बढ़ने जैसे रिस्क हमेशा बने रहते हैं। इन प्रीमियम प्रॉपर्टीज की सफलता काफी हद तक एयरपोर्ट जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की समय पर डिलीवरी और कॉरपोरेट डिमांड पर टिकी है। इसलिए, प्रोजेक्ट पूरा होने की समय-सीमा और ऑक्यूपेंसी लेवल्स पर नजर रखना निवेश के लिहाज से बेहद जरूरी है।
