Noida Authority ने Sector 150 Sports City का रिवाइज्ड मास्टर प्लान पास कर दिया है। अब कुल जमीन का **70%** हिस्सा स्पोर्ट्स सुविधाओं के लिए आरक्षित होगा। हालांकि, CBI की जांच के कारण प्रोजेक्ट पर अभी भी कानूनी तलवार लटकी हुई है।
Noida Authority ने लंबे समय से अटके Sector 150 Sports City प्रोजेक्ट के लिए नया मास्टर लेआउट अप्रूव कर दिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब डेवलपर्स को कुल जमीन के 70% हिस्से पर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर, पार्क और ग्रीन जोन बनाने होंगे। बाकी बची जमीन में से सिर्फ 29.5% हिस्सा रेजिडेंशियल और 0.5% कमर्शियल इस्तेमाल के लिए होगा।
पजेशन की ओर बढ़ते कदम
जो डेवलपर्स अपने बकाया फाइनेंशियल ड्यूज चुका चुके हैं, उन्हें अब 'कंडीशनल ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट' (OC) दिए जा रहे हैं। इससे हजारों घर खरीदारों के लिए अपने घरों में शिफ्ट होने का रास्ता साफ हुआ है। अथॉरिटी का कहना है कि यह कदम अर्बन प्लानिंग को उसकी मूल सोच के अनुरूप लाने के लिए उठाया गया है।
कानूनी पेंच और CBI की जांच
राहत की खबर के बावजूद, प्रोजेक्ट पर संकट के बादल पूरी तरह छंटे नहीं हैं। 7 अक्टूबर 2026 को CBI ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पुरानी अथॉरिटी और डेवलपर्स के बीच मिलीभगत के सबूत मिले हैं। CBI ने कोर्ट से उन आदेशों पर दोबारा विचार करने की मांग की है, जो इन प्रोजेक्ट्स पर सख्त कार्रवाई से रोक लगाते थे। अगर कोर्ट का रुख बदलता है, तो भविष्य में काम की रफ्तार प्रभावित हो सकती है।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या हैं रिस्क?
Brick Rise और Ace Infracity जैसे डेवलपर्स को मिली मंजूरी एक सकारात्मक संकेत जरूर है, लेकिन यह पूरी तरह से जोखिम मुक्त नहीं है। डेवलपर्स को 3 साल के भीतर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा। यदि वे तय समय सीमा में काम पूरा नहीं करते हैं या सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रोजेक्ट पर कोई असर पड़ता है, तो पजेशन में और देरी हो सकती है। फिलहाल निवेशकों को कोर्ट की अगली सुनवाई पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।
