Noida Airport: रियल एस्टेट में बूम की आहट! ऑफिस स्पेस और लग्जरी घरों की डिमांड बढ़ेगी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Noida Airport: रियल एस्टेट में बूम की आहट! ऑफिस स्पेस और लग्जरी घरों की डिमांड बढ़ेगी
Overview

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जल्द शुरू होने की खबर ने रियल एस्टेट मार्केट में नई जान फूंक दी है। जानकारों का मानना है कि इससे दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में ऑफिस स्पेस की लीजिंग **2-3 मिलियन वर्ग फुट** सालाना तक पहुंच सकती है, वहीं लग्जरी घरों (Luxury Homes) की मांग भी आसमान छू सकती है।

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नोएडा एयरपोर्ट: रियल एस्टेट सेक्टर में नई क्रांति

आने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन से नोएडा के रियल एस्टेट सेक्टर में बड़े पैमाने पर ग्रोथ की उम्मीद है। कमर्शियल ऑफिस स्पेस से लेकर लग्जरी घरों तक, हर सेगमेंट में हलचल मचेगी। इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, ग्रेड-ए ऑफिस लीजिंग सालाना 2-3 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच सकती है, जो दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) मार्केट का लगभग 25% होगा।

यह तेजी मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड और गुरुग्राम (Gurugram) व दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी से और मजबूत होगी। रेजिडेंशियल मार्केट, खासकर यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) और ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के आसपास, में भी अच्छी डिमांड देखने को मिल सकती है, विशेषकर मध्यम-आय वर्ग और लग्जरी प्रॉपर्टीज के लिए। यह उस कामयाबी पर आधारित है जहां इंफ्रास्ट्रक्चर और पॉलिसी सपोर्ट के चलते पिछले छह सालों में नोएडा के कुछ इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतों में लगभग पांच गुना यानी 536% तक का इजाफा देखा गया है। एयरपोर्ट का लक्ष्य ऐसी ग्रोथ को बढ़ावा देना है जो फंडामेंटल्स पर आधारित हो और इंडस्ट्रीज व नौकरियों को आकर्षित करे।

नोएडा बनाम गुरुग्राम: ग्रोथ की रेस में कौन आगे?

जहां यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर जैसे नोएडा के इलाकों में अपार्टमेंट की कीमतों में 158% और प्लॉट की कीमतों में 536% (2020 से 2025 तक) का जबरदस्त उछाल आया है, वहीं यह क्षेत्र गुरुग्राम की स्थापित स्थिति को चुनौती दे रहा है। गुरुग्राम अभी भी एनसीआर का प्रमुख कॉर्पोरेट हब है, जहां मल्टीनेशनल कंपनियों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की मौजूदगी के कारण प्रॉपर्टी की कीमतें और रेंट ज्यादा हैं। वहीं, नोएडा अफोर्डेबिलिटी और सुनियोजित विकास के साथ वैल्यू और ग्रोथ की तलाश कर रहे खरीदारों को आकर्षित कर रहा है। एनालिस्ट्स का कहना है कि नोएडा 'भविष्य की वैल्यू क्रिएशन' है, जबकि गुरुग्राम में 'वैल्यू को मोनेटाइज किया जा रहा है', जो अलग-अलग निवेश प्रोफाइल को दर्शाता है।

यमुना एक्सप्रेसवे: ग्रोथ का नया पावरहाउस

यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को एक प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर के तौर पर देखा जा रहा है। इसके एविएशन-लिंक्ड इंडस्ट्रीज, लॉजिस्टिक्स पार्क और डेटा सेंटर को आकर्षित करने की उम्मीद है। इस डेवलपमेंट से एब्जॉर्प्शन रेट्स और रेंटल यील्ड्स में तेजी आने की संभावना है। प्रॉपर्टी वैल्यूज में पहले ही काफी बढ़ोतरी देखी गई है और मार्केट एनालिस्ट्स का अनुमान है कि एयरपोर्ट-संचालित कमर्शियल एक्टिविटी के बढ़ने पर प्रॉपर्टी वैल्यूज में 20-30% का और इजाफा हो सकता है।

ऑफिस मार्केट में मजबूत लीजिंग एक्टिविटी

नोएडा का कमर्शियल ऑफिस मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। Q3 2025 तक, इसके कुल स्टॉक में 43.4 मिलियन वर्ग फुट शामिल था, जिसमें 26.6 मिलियन वर्ग फुट ग्रेड A+ एसेट्स थे। प्रमुख इलाकों में ऑफिस रेंट 2019 की तुलना में 29% तक बढ़े हैं। लीजिंग एक्टिविटी मजबूत बनी हुई है, जहां GCCs सक्रिय रूप से स्पेस लीज कर रहे हैं। 2025 के पहले नौ महीनों में लगभग 928,000 वर्ग फुट स्पेस लीज किया गया। 2025 में दिल्ली-एनसीआर में कुल 17.4 मिलियन वर्ग फुट की ऑफिस लीजिंग दर्ज की गई, और 2026 में 7.0-7.5 मिलियन वर्ग फुट के नेट एब्जॉर्प्शन का अनुमान है। डिमांड हाई-क्वालिटी, इंस्टीट्यूशनल-लेड ग्रेड A+ प्रोजेक्ट्स की ओर बढ़ रही है।

डेवलपमेंट की तेज गति और ओवरसप्लाई की चिंताएं

ग्रोथ के मजबूत संकेतकों के बावजूद, डेवलपमेंट की तेज गति, खासकर यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास, बाजार की स्थिरता और संभावित ओवरसप्लाई (अधिक आपूर्ति) को लेकर चिंताएं बढ़ा रही है। नए रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की बड़ी संख्या नियोजित है, जो अगर एब्जॉर्प्शन रेट्स के साथ तालमेल नहीं बिठा पाए तो प्रॉपर्टी वैल्यूज पर दबाव डाल सकती है। नोएडा में ग्रोथ की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन गुरुग्राम जैसे स्थापित शहरों की तुलना में इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्बाध कनेक्टिविटी में इसे अभी भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। डेवलपर्स को लैंड एक्विजिशन इश्यूज और अप्रूवल में देरी जैसे रेगुलेटरी हर्डल्स का भी जोखिम है। राष्ट्रीय स्तर पर, जहां बाजार स्थिर है, वहीं दिल्ली-एनसीआर के कुछ इलाकों में अनसोल्ड इन्वेंटरी ज्यादा है और नए लॉन्च का एब्जॉर्प्शन धीमा है।

भविष्य का दृष्टिकोण: ग्रोथ की निरंतरता एग्जीक्यूशन पर निर्भर

जैसे-जैसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरी तरह से चालू होगा, यह लगातार आर्थिक विकास और रियल एस्टेट एप्रिसिएशन का एक प्रमुख चालक बनने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंडस्ट्रियल एक्टिविटी और जॉब क्रिएशन से प्रेरित फंडामेंटल्स-लेड एक्सपेंशन की ओर रुझान जारी रहेगा। हालांकि, बाजार की दीर्घकालिक सफलता अनुशासित डेवलपमेंट, प्रभावी इन्वेंटरी मैनेजमेंट और मजबूत एब्जॉर्प्शन रेट्स पर निर्भर करेगी। यूनियन बजट 2026-27 का इंफ्रास्ट्रक्चर-लेड ग्रोथ पर फोकस एक सहयोगी माहौल प्रदान करता है, जो नए कॉरिडोर को खोलने और शहरी विकास में मदद करेगा, यह नोएडा के विकसित हो रहे रियल एस्टेट के लिए अच्छा संकेत है। क्षेत्र का लगातार परिवर्तन इसे एक रणनीतिक प्रॉपर्टी कॉरिडोर के रूप में स्थापित कर रहा है, जो ग्लोबल ऑक्यूपायर्स को आकर्षित करेगा और ऑफिस मार्केट वैल्यू को बढ़ाएगा, यह नोएडा के एक प्रमुख बिजनेस हब के रूप में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है।

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