Nimbus Group ने मथुरा में इंटीग्रेटेड टाउनशिप बनाने के लिए एक MoU साइन किया है। यह कंपनी के टियर-2 और टियर-3 बाजारों की ओर एक बड़े कदम को दर्शाता है। यह विस्तार ऐसे समय में आया है जब कंपनी ने Q1 FY27 में अपने प्री-सेल्स बुकिंग में **134%** की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की, जो **₹157.36 करोड़** तक पहुंच गई।
रियल एस्टेट डेवलपर Nimbus Group ने टियर-2 और टियर-3 शहरों में रणनीतिक विस्तार की घोषणा की है। इसकी शुरुआत मथुरा में एक इंटीग्रेटेड टाउनशिप प्रोजेक्ट के लिए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर के साथ हुई है। यह पहल उत्तर प्रदेश टाउनशिप पॉलिसी 2023 के अनुरूप संरचित की जा रही है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय केंद्रों में संगठित विकास को प्रोत्साहित करना है।
हाई- ग्रोथ वाले क्षेत्रीय बाजारों को लक्ष्य
कंपनी वर्तमान में मेरठ, वृंदावन, हापुड़, रुड़की, मुजफ्फरनगर, बरेली और रोहतक सहित कई स्थानों पर प्रोजेक्ट के अवसरों का मूल्यांकन कर रही है। मैनेजमेंट का ध्यान इन छोटे बाजारों में कंपनी के स्थापित रियल एस्टेट मॉडल को दोहराने पर है, जहां बेहतर कनेक्टिविटी और स्थानीय आर्थिक विकास के कारण संरचित आवासीय और मिश्रित-उपयोग वाली संपत्तियों की मांग बढ़ रही है।
वित्तीय प्रदर्शन और ग्रोथ
Nimbus Group ने 2026-27 के वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में मजबूत वित्तीय वृद्धि दर्ज की। कंपनी ने ₹157.36 करोड़ के प्री-सेल्स बुकिंग मूल्य दर्ज किए, जो पिछले साल की इसी अवधि में रिपोर्ट किए गए ₹67.16 करोड़ की तुलना में 134.31% की वृद्धि दर्शाता है। ग्राहक संग्रह (Customer Collections) में भी 49.75% की वृद्धि हुई, जो ₹75.91 करोड़ तक पहुंच गया। ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी बुकिंग को कैश फ्लो में बदलने में सफल रही है, जो कई प्रोजेक्ट साइटों का प्रबंधन करने वाले रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए एक महत्वपूर्ण मीट्रिक है।
NCR और उससे आगे के लिए रणनीतिक आउटलुक
जबकि कंपनी अपने भौगोलिक विस्तार को बढ़ा रही है, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में उसकी महत्वपूर्ण उपस्थिति बनी हुई है। मैनेजमेंट ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे गलियारों की क्षमता पर प्रकाश डाला है, जिसमें नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी आगामी बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं का जिक्र है। कंपनी को उम्मीद है कि ये परियोजनाएं आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में प्रॉपर्टी की मांग को बढ़ावा देंगी।
निवेशकों के लिए, मुख्य निगरानी बिंदु कंपनी की लाभप्रदता (Profit Margins) बनाए रखने की क्षमता होगी, खासकर नए, छोटे बाजारों में जहां मूल्य संवेदनशीलता (Price Sensitivity) NCR क्षेत्र से भिन्न हो सकती है। इसके अतिरिक्त, जैसे-जैसे कंपनी कई नए शहरों में अपने परिचालन को बढ़ाती है, भूमि अधिग्रहण की गति, प्रोजेक्ट अनुमोदन समय-सीमा और संबंधित पूंजीगत व्यय की निगरानी भविष्य के ऋण और तरलता (Liquidity) के स्तर को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगी।
