Nexus Select Trust ने अप्रैल-जून तिमाही में **11%** की जबरदस्त बढ़त दर्ज की है। यह उछाल सीधे तौर पर लोगों के लोकल शॉपिंग की ओर झुकाव की वजह से आया है। फुट ट्रैफिक भी **5%** बढ़ा है, क्योंकि परिवार इंटरनेशनल ट्रिप की जगह घरेलू खरीदारी को तरजीह दे रहे हैं।
घरेलू खर्चों का जलवा, मॉल की खपत बढ़ी
Nexus Select Trust, जो भारत का सबसे बड़ा रिटेल REIT (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) है, ने अप्रैल-जून तिमाही में अपने 19 मॉल्स में 11% की शानदार ग्रोथ दर्ज की है। कंज्यूमर फुट ट्रैफिक में भी 5% की बढ़ोतरी देखी गई। यह साफ दिखाता है कि लोग अब इंटरनेशनल यात्राओं की बजाय डोमेस्टिक शॉपिंग, डाइनिंग और एंटरटेनमेंट पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं।
क्यों हुआ ये बदलाव?
कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण इंटरनेशनल यात्राएं महंगी हो गई हैं। ऐसे में, कई परिवारों ने अपनी खर्च की रकम को घरेलू अनुभवों के लिए ही रखा। इस बदलाव का सीधा फायदा फैशन, फूड एंड बेवरेज और फैमिली एंटरटेनमेंट जैसे सेक्टर्स को मिला। कंपनी ने यह भी बताया कि वेडिंग सीजन और अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसरों ने भी मांग को बढ़ाया, खासकर ज्वेलरी सेगमेंट में। मैनेजमेंट ने यह भी देखा कि ज्वेलरी की खरीदारी के बाद लोग अक्सर कपड़ों और अन्य रिटेल आइटम्स में भी अतिरिक्त खरीदारी करते हैं।
मॉल्स के अंदरूनी बदलाव
जहां एक ओर ओवरऑल परफॉरमेंस मजबूत रही, वहीं कंपनी कंज्यूमर की बदलती पसंदों को ध्यान में रखते हुए अपने टेनेंट मिक्स (किन दुकानों को जगह देनी है) को भी सक्रिय रूप से बदल रही है। हाइपरमार्केट सेगमेंट में परफॉरमेंस थोड़ी धीमी रही, जिसके चलते ट्रस्ट अब कुछ हाइपरमार्केट की जगहों को प्रीमियम अपैरल स्टोर्स में बदलने पर विचार कर रहा है। इसके अलावा, कंपनी ने यह भी नोट किया कि बड़े मल्टी-ब्रांड फैशन रिटेलर्स में सिंगल डिजिट में मॉडरेट ग्रोथ देखने को मिल रही है, जबकि कुछ खास ब्रांड्स पारंपरिक जेनेरिक मल्टी-ब्रांड आउटलेट्स की तुलना में ज्यादा लोकप्रिय हो रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि पुराने ब्रांड्स को कॉम्पिटिटिव बने रहने के लिए अपने प्रोडक्ट्स को अपडेट करने की जरूरत पड़ सकती है।
विस्तार और अधिग्रहण की योजना
Nexus Select Trust अपनी अधिग्रहण रणनीति के तहत लगातार ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसमें डेवलपर्स के साथ फॉरवर्ड परचेज एग्रीमेंट (आगे चलकर संपत्ति खरीदने का समझौता) भी शामिल हैं। भारतीय बाजार में हाई-क्वालिटी, ग्रेड-ए रिटेल एसेट्स की सीमित सप्लाई को देखते हुए, ट्रस्ट अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए नई प्रॉपर्टीज की तलाश कर रहा है। हालिया गतिविधियों में कोलकाता के डायमंड प्लाजा का अधिग्रहण शामिल है और डोम्बिवली जैसी जगहों पर अन्य संपत्तियों के लिए चर्चाएं चल रही हैं। ट्रस्ट फैमिली-लेड रियल एस्टेट फर्मों से एसेट्स को इंटीग्रेट करने की संरचनाओं की भी खोज कर रहा है, जो REIT के लिए टैक्स-कुशल ग्रोथ के अवसर प्रदान कर सकता है।
निवेशकों को इन एसेट इंटीग्रेशन की प्रगति और कंपनी की हाई ऑक्यूपेंसी लेवल्स को बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए, साथ ही हाइपरमार्केट से प्रीमियम रिटेल फॉर्मेट में बदलाव को कैसे अंजाम दिया जा रहा है। इन रणनीतिक बदलावों का रेंटल इनकम और प्रॉफिट मार्जिन पर असर भविष्य की तिमाही रिपोर्टों में मुख्य अपडेट्स होंगे।
