Nexus Select Trust के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने जून तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें नेट ऑपरेटिंग इनकम (NOI) में पिछले साल के मुकाबले **11%** की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तिमाही में कंपनी ने कुल **₹510 करोड़** का NOI कमाया है।
रिटेल खपत और लीजिंग से दमदार प्रदर्शन
Nexus Select Trust, जो देश भर में रिटेल एसेट्स का मैनेजमेंट करती है, ने जून तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट ऑपरेटिंग इनकम (NOI) ₹510 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 11% ज्यादा है। यह इनकम प्रॉपर्टीज से ऑपरेटिंग खर्चों को घटाने के बाद हुई कमाई है। कंपनी के मॉल्स में रिटेल खपत में 17% का उछाल आया, जो कि ₹3,850 करोड़ तक पहुंच गई, और इस प्रदर्शन का एक मुख्य कारण बनी।
डिविडेंड (Distribution) और वित्तीय मजबूती
परिचालन नतीजों के साथ-साथ, ट्रस्ट ने अपने यूनिटहोल्डर्स को ₹370 करोड़ का डिविडेंड (Distribution) देने की भी घोषणा की है। यह प्रति यूनिट ₹2.442 के हिसाब से है, जो पिछले साल की तुलना में 10% अधिक और पिछली तिमाही की तुलना में 7% ज्यादा है। कंपनी की बैलेंस शीट भी काफी मजबूत है, जिसमें 18% का कम लोन-टू-वैल्यू (Loan-to-Value) रेश्यो है, जो यह दर्शाता है कि कंपनी ने कर्ज का इस्तेमाल बहुत संभलकर किया है। वहीं, कर्ज पर ब्याज की औसत लागत 7.2% है, जिससे ब्याज का खर्च कंट्रोल में रहता है।
लीजिंग में ग्रोथ और भविष्य की योजनाएं
मैनेजमेंट ने बताया कि लीजिंग (Leasing) गतिविधियों पर जोर देने से मौजूदा नतीजों को बल मिला है। इस तिमाही में, ट्रस्ट ने लगभग 0.4 मिलियन वर्ग फुट की जगह को री-लीज या रिन्यू किया है। इसमें से करीब 0.2 मिलियन वर्ग फुट की लीज रिन्यूअल पर पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स की तुलना में 20% से भी ज्यादा की दर से किराया बढ़ा है, जो रिटेलर्स की मजबूत मांग को दिखाता है। इसके अलावा, लेगो (Lego) और कुर्ट गीगर (Kurt Geiger) जैसे नए इंटरनेशनल और प्रीमियम ब्रांड्स को भी जोड़ा गया है।
भविष्य की ओर देखते हुए, ट्रस्ट विस्तार की रणनीति पर काम कर रहा है। कोलकाता के डायमंड प्लाजा मॉल (Diamond Plaza mall) को खरीदने की योजना है, जिसका सौदा 2026-27 के फाइनेंशियल ईयर के पहले हाफ में पूरा होने की उम्मीद है। कंपनी का लॉन्ग-टर्म लक्ष्य 2030 तक अपने कुल रिटेल पोर्टफोलियो के साइज को दोगुना करना है, जिसके लिए 8 और रिटेल एसेट्स की पाइपलाइन तैयार है। निवेशकों के लिए, कोलकाता अधिग्रहण का पूरा होना और डबल-डिजिट री-लीजिंग स्प्रेड्स (re-leasing spreads) का ट्रेंड जारी रहना महत्वपूर्ण होगा, खासकर रिटेल सेक्टर में चल रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए।
