NCRTC Real Estate Push: नमो भारत कॉरिडोर के पास बनेंगे रियल एस्टेट हब, बढ़ेगी कमाई

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
NCRTC Real Estate Push: नमो भारत कॉरिडोर के पास बनेंगे रियल एस्टेट हब, बढ़ेगी कमाई

National Capital Region Transport Corporation (NCRTC) अब अपने नमो भारत ट्रांजिट रूटों के किनारे हाई-डेंसिटी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स विकसित करने की तैयारी में है। इस कदम का उद्देश्य टिकटों के अलावा अतिरिक्त कमाई के नए स्रोत पैदा करना है।

कमाई के लिए नॉन-टिकट रेवेन्यू पर जोर

NCRTC अपनी फाइनेंशियल सस्टेनेबिलिटी को बेहतर बनाने के लिए एक नई स्ट्रैटेजी पर काम कर रहा है। इसके तहत सराय काले खां जैसे प्रमुख इंटरचेंज हब के पास ऑफिस, दुकानें और घर बनाए जाएंगे। फिलहाल इस मॉडल को दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर लागू किया जा रहा है और भविष्य में इसे दिल्ली-गुरुग्राम-SNB-अलवर और दिल्ली-पानीपत-करनाल रूटों तक बढ़ाया जाएगा।

प्राइवेट सेक्टर और पॉलिसी का पेंच

इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए NCRTC प्राइवेट डेवलपर्स के साथ बातचीत कर रहा है। रियल एस्टेट कंपनियों का मानना है कि प्रोजेक्ट्स तभी सफल होंगे जब सरकार 'फ्लोर एरिया रेशियो' (Floor Area Ratio) को बढ़ाएगी और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस की सुविधा देगी।

हालांकि, इसके सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। 2026-27 के बजट में मिले कम फंड के बाद NCRTC पर खुद का रेवेन्यू जेनरेट करने का दबाव है। साथ ही, कॉरिडोर के विस्तार में देरी या जमीन के मोनेटाइजेशन में अड़चनें इस पूरे प्लान की रफ्तार को धीमा कर सकती हैं।

नोट: ध्यान रहे कि NCRTC कोई लिस्टेड कंपनी नहीं है, यह केंद्र और दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान व उत्तर प्रदेश सरकारों का एक जॉइंट वेंचर है। हालांकि, यह प्रोजेक्ट बुनियादी ढांचा और रियल एस्टेट से जुड़ी लिस्टेड कंपनियों के लिए बिजनेस के बड़े मौके खोल सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.