NCLT ने Entertainment City को Unitech Holding की आपत्तियों को खारिज करते हुए Parmesh Construction (Bhutani Infra की एक एंटिटी) के पक्ष में 4.26% स्टेक ट्रांसफर रजिस्टर करने का आदेश दिया है। यह फैसला नोएडा में प्रमुख कमर्शियल और एम्यूज़मेंट एसेट्स चलाने वाली कंपनी के लिए हुई बोली प्रक्रिया के बाद आया है।
क्या हुआ?
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने Entertainment City Limited (ECL) को आदेश दिया है कि वह Parmesh Construction Company Ltd (PCCL) के नाम पर 4.26% इक्विटी स्टेक रजिस्टर करे। PCCL, Bhutani Infra ग्रुप का हिस्सा है। इस फैसले से उस कानूनी लड़ाई का अंत हो गया है जिसमें एक बड़े शेयरधारक, Unitech Holding Limited (UHL), ने कंपनी के शेयर ट्रांसफर को रोकने की कोशिश की थी। UHL का दावा था कि यह ट्रांसफर मौजूदा शेयरहोल्डर एग्रीमेंट और उनके राइट ऑफ फर्स्ट रिफ्यूजल (Right of First Refusal) का उल्लंघन करता है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम?
यह फैसला Entertainment City के मालिकाना हक के कंसॉलिडेशन (consolidation) में एक महत्वपूर्ण कदम है। Entertainment City नोएडा में 'The Great India Place' मॉल और 'Worlds of Wonder' एम्यूज़मेंट पार्क जैसे बड़े एसेट्स का संचालन करती है। इस स्टेक ट्रांसफर को मंजूरी देकर, NCLT ने कंपनी को 100% डिसइन्वेस्टमेंट (disinvestment) प्रक्रिया के अंतिम चरण के करीब ला दिया है। इस फैसले से सफल बिडर, Bhutani Infra, को स्पष्टता मिली है, जिसने पहले कंपनी को ₹1,347 करोड़ के एंटरप्राइज वैल्यू पर खरीदने के लिए एक बाइंडिंग टर्म शीट (binding term sheet) में प्रवेश किया था।
विवाद और समाधान
Unitech Holding ने यह दलील दी थी कि स्टेक ट्रांसफर के लिए आवश्यक प्रक्रियात्मक आवश्यकताएं, जैसे कि अनिवार्य नोटिस पीरियड और कंपनी के आंतरिक समझौतों में बताए गए राइट ऑफ फर्स्ट रिफ्यूजल का पालन नहीं किया गया है। हालांकि, NCLT बेंच ने फैसला सुनाया कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली व्यापक डिसइन्वेस्टमेंट प्रक्रिया के संदर्भ में इन दावों का कोई वज़न नहीं है। ट्रिब्यूनल ने यह निष्कर्ष निकाला कि कंपनी की 100% बिक्री शुरू करके, शेयरधारकों ने प्रभावी रूप से अपने प्री-एम्प्टिव राइट्स (pre-emptive rights) को दरकिनार कर दिया था, जिससे PCCL को हुआ ट्रांसफर वैध हो गया।
बिजनेस कॉन्टेक्स्ट और एसेट वैल्यू
Enterटेनमेंट सिटी फिलहाल इंटरनेशनल एम्यूज़मेंट लिमिटेड (53.15%) और Unitech Holding (41.95%) के संयुक्त उद्यम (joint venture) के तौर पर है। इन मालिकाना हक संबंधी विवादों का समाधान मैनेजमेंट के ट्रांजिशन (transition) और एसेट्स के अंतिम हैंडओवर के लिए महत्वपूर्ण है। यह ट्रांजैक्शन Unitech ग्रुप से जुड़ी वित्तीय जटिलताओं को सुलझाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जो 2020 की शुरुआत से ही एक नए, कोर्ट द्वारा नियुक्त बोर्ड के अधीन है।
आगे क्या ट्रैक करें?
स्टेकहोल्डर्स और निवेशकों के लिए मुख्य बात यह होगी कि Bhutani Infra को 100% इक्विटी ट्रांसफर का अंतिम समापन कब होता है, मैनेजमेंट का आधिकारिक हैंडओवर कब होता है, और ₹1,347 करोड़ के इस सौदे से जुड़े किसी भी बचे हुए वित्तीय दायित्वों का निपटारा कैसे होता है। जैसे-जैसे यह ट्रांजिशन पूरा हो रहा है, नोएडा एसेट्स के Bhutani Infra के पोर्टफोलियो में ऑपरेशनल इंटीग्रेशन (operational integration) से जुड़ी भविष्य की अपडेट्स पर नज़र रखना भी महत्वपूर्ण होगा।
