NCLAT ने 16 अटके हुए Supertech Limited हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर दो हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। ट्रिब्यूनल ने स्टाफ की बकाया सैलरी पर भी चिंता जताई है। ध्यान दें, यह प्राइवेट फर्म BSE लिस्टेड Supertech EV Ltd से बिल्कुल अलग है।
प्रोजेक्ट्स की रफ्तार पर कोर्ट की नजर
नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने Supertech Limited की इनसॉल्वेंसी प्रक्रिया संभाल रही कमिटी को कड़ी फटकार लगाई है। ट्रिब्यूनल ने 16 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के काम में हो रही देरी का ब्योरा 2 हफ्ते के भीतर मांगा है। बता दें कि इन प्रोजेक्ट्स का जिम्मा सरकारी कंपनी NBCC संभाल रही है, जिन्हें 2021 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की याचिका के बाद इनसॉल्वेंसी प्रोसेस में डाला गया था।
स्टाफ की सैलरी का संकट
जस्टिस योगेश खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुनवाई के दौरान पाया कि इन प्रोजेक्ट्स से जुड़े स्टाफ को पिछले 3 महीनों से वेतन नहीं मिला है। कोर्ट ने इस समस्या को तुरंत सुलझाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, Supertech Ecociti और Supertech 34 Pavilion जैसे प्रोजेक्ट्स में बेसमेंट में पानी भरने जैसी इन्फ्रास्ट्रक्चर समस्याओं पर भी ट्रिब्यूनल ने जवाब तलब किया है।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
बाजार के निवेशकों को स्पष्ट किया जाता है कि दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही Supertech Limited एक प्राइवेट कंपनी है और यह स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है। इसका BSE पर ट्रेड होने वाली Supertech EV Ltd से कोई लेना-देना नहीं है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत अगली सुनवाई 14 सितंबर, 2026 को तय की गई है। वहीं, NBCC ने सुप्रीम कोर्ट में कुछ रेगुलेटरी छूट के लिए याचिका दी है, जिस पर 24 सितंबर, 2026 को सुनवाई होगी।
