NCLAT ने NBCC को 16 अटके हुए Supertech हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर दो सप्ताह के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। देरी और वेतन भुगतान में गड़बड़ी के कारण यह फैसला लिया गया है।
NCLAT की सख्ती और डेडलाइन
नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने सरकारी कंपनी NBCC को बड़ी फटकार लगाई है। ट्रिब्यूनल ने 16 अटके हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर दो सप्ताह के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट का यह फैसला होमबायर्स की उन शिकायतों के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कंस्ट्रक्शन शुरू न होने और समय-सीमा के उल्लंघन की बात कही थी।
गंभीर चिंताएं और वेतन का संकट
सुनवाई के दौरान केवल देरी ही नहीं, बल्कि साइट्स पर काम कर रहे कर्मचारियों के वेतन में 3 महीने की देरी का मुद्दा भी उठा। इसके अलावा, कोर्ट ने 'Supertech Ecociti' और 'Supertech 34 Pavilion' प्रोजेक्ट्स में जलभराव जैसी मेंटेनेंस समस्याओं पर कड़ी नाराजगी जताई है और संबंधित आर्किटेक्चरल प्लान्स की मांग की है।
NBCC की सुप्रीम कोर्ट से गुहार
NBCC इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में आ रही अड़चनों के कारण सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। कंपनी ने रियल एस्टेट नियमों में छूट मांगी है, खासकर उस नियम में जिसके तहत 70% कलेक्शन को अलग बैंक अकाउंट में जमा करना होता है। NBCC का तर्क है कि इस नियम के कारण उन्हें लिक्विडिटी की भारी समस्या हो रही है। इस मामले पर 24 सितंबर, 2026 को सुनवाई होगी।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
बाजार में भ्रम की स्थिति न हो, इसलिए यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जो 'Supertech Limited' दिवालिया प्रक्रिया (Insolvency) से गुजर रही है, वह एक अनलिस्टेड प्राइवेट कंपनी है। इसका शेयर बाजार में लिस्टेड 'Supertech EV Ltd' से कोई लेना-देना नहीं है। निवेशकों को इन दोनों के बीच के अंतर को समझना चाहिए।
अगली सुनवाई 14 सितंबर, 2026 को होनी है, जिसमें ट्रिब्यूनल देखेगा कि वेतन भुगतान और कंस्ट्रक्शन प्रोग्रेस पर क्या सुधार हुआ है।
