NBCC ने Supertech के 16 अधूरे हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए **₹9,620 करोड़** के 25 टेंडर जारी किए हैं। इसके जरिए लगभग **15,000** फ्लैट खरीदारों को घर मिलने की उम्मीद जगी है, हालांकि फंडिंग और रेगुलेटरी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।
काम शुरू करने की तैयारी
NBCC (India) Limited ने Supertech Limited के 16 अटके हुए रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट्स को पुनर्जीवित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने ₹9,620.33 करोड़ के 25 अलग-अलग टेंडर फ्लोट किए हैं। यह मेगा रेस्क्यू प्लान लगभग 15,000 परिवारों के लिए है, जो लंबे समय से अपने घर का इंतजार कर रहे हैं।
अदालती आदेश और टाइमलाइन
यह प्रक्रिया National Company Law Appellate Tribunal (NCLAT) के दिसंबर 2024 के उस निर्देश के बाद शुरू हुई है, जिसे फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी मंजूरी दी थी। NBCC इन प्रोजेक्ट्स में केवल 'प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट' की भूमिका निभा रही है, ताकि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो सके। कंपनी का लक्ष्य 16 जनवरी, 2027 से साइट पर काम शुरू करने का है।
राह में चुनौतियां
हालांकि कागज पर काम आगे बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी कई अड़चनें हैं:
- फंडिंग का संकट: पहले निजी संस्थानों से फंड जुटाने की कोशिशें ऊंची ब्याज दरों के कारण सफल नहीं हो पाई थीं। अब कंपनी को प्रोजेक्ट की गति बनाए रखने के लिए स्थिर फंडिंग की जरूरत होगी।
- रेरा (RERA) के नियम: सख्त रेगुलेटरी कंप्लायंस के चलते एक प्रोजेक्ट का पैसा दूसरे में ट्रांसफर करना आसान नहीं है, जिससे कैश फ्लो मैनेजमेंट एक कठिन काम बन गया है।
- तकनीकी खामियां: शुरुआती निरीक्षण में मूल नक्शों और वास्तविक निर्माण में अंतर पाया गया है, जिसे ठीक करना जरूरी है।
फिलहाल, स्टॉक एक्सचेंज पर NBCC के शेयर ₹76 से ₹77 के दायरे में ट्रेड कर रहे हैं। निवेशकों के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन टेंडर्स के लिए ठेकेदारों की कितनी दिलचस्पी दिखती है और कंपनी फंडिंग का इंतजाम कैसे करती है।
