मुंबई के रियल एस्टेट मार्केट में फेस्टिव सीजन के बावजूद रौनक बरकरार है। अक्टूबर में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा **12,690** यूनिट्स पर पहुंच गया है, जो सालाना आधार पर **9%** की वृद्धि है।
मुंबई के रेजिडेंशियल रियल एस्टेट मार्केट ने अक्टूबर 2026 में अपनी मजबूती बरकरार रखी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में कुल 12,690 प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन हुए, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 9% ज्यादा हैं। फेस्टिव सीजन होने के बावजूद डिमांड का इस स्तर पर बने रहना मार्केट के लिए एक बड़ा संकेत है।
स्टैंप ड्यूटी में 12% की बढ़ोतरी: प्रीमियम घरों की मांग बढ़ी
इस तेजी की सबसे खास बात सरकारी खजाने में आई उछाल है। स्टैंप ड्यूटी कलेक्शन 12% बढ़कर ₹1,173 करोड़ पर पहुंच गया है। रजिस्ट्रेशन में 9% की तुलना में रेवेन्यू में 12% का इजाफा साफ इशारा करता है कि खरीदार अब महंगे और प्रीमियम घरों की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। यह ट्रेंड Macrotech Developers, Oberoi Realty और Sunteck Realty जैसी बड़ी कंपनियों के लिए मार्जिन के लिहाज से पॉजिटिव माना जा सकता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to Watch)
हालांकि ये आंकड़े उत्साहजनक हैं, लेकिन निवेशकों को मार्केट की कुछ चुनौतियों पर भी नजर रखनी होगी:
- होम लोन की ब्याज दरें: अगर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहीं, तो मिड-सेगमेंट और एंट्री-लेवल घरों की बिक्री धीमी हो सकती है।
- कर्ज और इन्वेंटरी: रियल एस्टेट एक कैपिटल-इंटेंसिव सेक्टर है। नए प्रोजेक्ट्स के लॉन्च के साथ कंपनियों पर बढ़ता कर्ज और मार्केट में बढ़ती इन्वेंटरी ( unsold stock) का दबाव भविष्य में कीमतों पर असर डाल सकता है।
आने वाले समय में, निवेशकों को रियल एस्टेट कंपनियों के सेल्स बुकिंग डेटा और कर्ज के स्तर (Debt levels) पर करीबी नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, Reserve Bank of India की ब्याज दरों को लेकर पॉलिसी तय करेगी कि आने वाले महीनों में खरीदारों का सेंटिमेंट कैसा रहेगा।
