मुंबई में नवरात्रि के दौरान रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में सालाना आधार पर **25%** की गिरावट दर्ज की गई है और कुल **4,680** यूनिट्स ही रजिस्टर हुई हैं। हालांकि यह गिरावट **2025** के हाई बेस इफेक्ट के कारण दिख रही है, लेकिन निवेशक अब होम लोन की बढ़ती दरों और बाजार की सुस्त रफ्तार पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
मुंबई में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों में आई इस गिरावट ने रियल एस्टेट सेक्टर की चिंताएं बढ़ा दी हैं। 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 4,680 यूनिट्स रजिस्टर हुईं, जो पिछले साल इसी अवधि में 6,238 थी। रजिस्ट्रेशन में आई इस कमी का सीधा असर सरकारी खजाने पर भी दिखा, जहां स्टाम्प ड्यूटी कलेक्शन 15% घटकर ₹499 करोड़ रह गया।
क्यों आई इतनी गिरावट?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से 'हाई बेस इफेक्ट' का नतीजा है, क्योंकि 2025 का फेस्टिव सीजन ऐतिहासिक रूप से काफी मजबूत रहा था। इसके अलावा, इस साल नवरात्रि के दौरान 2 संडे होने के कारण वर्किंग डेज कम थे, जिससे रजिस्ट्रेशन की रफ्तार पर असर पड़ा।
बड़े डेवलपर्स पर असर
Oberoi Realty, Macrotech Developers और Godrej Properties जैसे बड़े नामों पर निवेशकों की नजर है। अच्छी बात यह है कि स्टाम्प ड्यूटी में गिरावट रजिस्ट्रेशन के मुकाबले कम है, जो संकेत देता है कि प्रीमियम और लग्जरी प्रोजेक्ट्स की डिमांड अब भी बनी हुई है।
ब्याज दरों का दबाव
Reserve Bank of India (RBI) की सतर्क मौद्रिक नीति के चलते होम लोन अब भी महंगे बने हुए हैं। ऊंची प्रॉपर्टी कीमतें और लोन का बोझ अब मिड-इनकम होमबायर्स को काफी सोच-समझकर फैसला लेने पर मजबूर कर रहा है। अब सबकी निगाहें दिवाली के सीजन पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या रियल एस्टेट मार्केट अपनी खोई हुई रफ्तार फिर से पकड़ पाएगा।
