मुंबई की लक्जरी आवासीय मार्केट में 2026 की पहली छमाही में प्रॉपर्टी की वैल्यू **1.4%** बढ़ी है। यह ग्लोबल मार्केट के **0.6%** के मामूली इजाफे से कहीं बेहतर है। इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार हो रहे सुधारों और रीडेवलपमेंट ने इस तेजी को सहारा दिया है, हालांकि खरीदार अब प्रॉपर्टी की क्वालिटी पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
मुंबई की रियल एस्टेट में दिखा दम
2026 की पहली छमाही में मुंबई के हाई-एंड रेजिडेंशियल रियल एस्टेट मार्केट ने अच्छी मजबूती दिखाई है। प्राइम सेगमेंट में प्रॉपर्टी की कीमतों में 1.4% का इजाफा हुआ, जबकि प्रॉपर्टी मालिकों की रेंटल इनकम भी छह महीनों में 1.2% बढ़ी है। यह ट्रेंड ग्लोबल मार्केट के उलट है, जहां Savills द्वारा ट्रैक किए गए 30 प्रमुख शहरों में औसतन कैपिटल वैल्यू ग्रोथ सिर्फ 0.6% रही।
कुछ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जहां मुश्किलों का सामना करना पड़ा, वहीं मुंबई में डिमांड लगातार बनी रही। उदाहरण के लिए, कुछ ग्लोबल शहरों में ओवरसप्लाई और भू-राजनीतिक चिंताओं के कारण प्रॉपर्टी की वैल्यू 4.5% तक गिर गई। इसकी तुलना में, मुंबई में लगातार हो रही बढ़ोतरी बताती है कि स्थानीय कारक रियल एस्टेट की कीमतों को सहारा दे रहे हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और रीडेवलपमेंट से बढ़ी डिमांड
इस ग्रोथ का एक बड़ा हिस्सा शहर के स्ट्रक्चरल विकास से जुड़ा है। पुराने इलाकों में चल रहे रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स नए और आधुनिक हाउसिंग स्टॉक तैयार कर रहे हैं, जो बेहतर सुविधाओं और नई संरचनाओं की तलाश करने वाले खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं। बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के जरिए कनेक्टिविटी में सुधार ने भी कई माइक्रो-मार्केट्स की अपील बढ़ा दी है, जिससे वे ज्यादा सुलभ और मूल्यवान बन गए हैं।
फिलहाल, मुंबई में प्राइम रेजिडेंशियल स्पेस की कैपिटल वैल्यू लगभग $1,130 प्रति स्क्वायर फुट है। यह कीमत मुंबई को बैंकॉक और बार्सिलोना जैसे शहरों के बराबर रखती है। हालांकि यह सिंगापुर जैसे अल्ट्रा-प्रीमियम मार्केट से सस्ता है, जहां लगभग $1,850 प्रति स्क्वायर फुट का रेट है, लेकिन लगातार हो रही बढ़ोतरी यह बताती है कि मार्केट अपनी राह बना रहा है।
चुनिंदा खरीदारी की ओर झुकाव
सकारात्मक आंकड़ों के बावजूद, मार्केट का नेचर बदल रहा है। पिछले कुछ सालों की तेज मूल्य वृद्धि के बाद, खरीदार अब काफी अधिक चुनिंदा हो रहे हैं। मौजूदा ट्रेंड बताता है कि निवेशक और एंड-यूजर सट्टा खरीदारी से दूर जा रहे हैं। इसके बजाय, वे कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी, डेवलपर की रेप्युटेशन और लोकेशन के लॉन्ग-टर्म वैल्यू जैसे खास फैक्टर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। एसेट क्वालिटी पर यह फोकस बताता है कि भविष्य की ग्रोथ पिछले वर्षों में देखी गई तेज मूल्य वृद्धि की तुलना में अधिक संतुलित हो सकती है।
2026 की दूसरी छमाही के लिए, अनुमान है कि मुंबई में ग्रोथ स्थिर रहेगी, जो 0% से 1.9% के बीच रहने की संभावना है। प्रॉपर्टी मालिकों और निवेशकों के लिए, अगली महत्वपूर्ण जानकारी यह होगी कि क्या चुनिंदा मांग का यह ट्रेंड वैल्यू को ऊपर धकेलता रहेगा या फिर ग्लोबल मार्केट का ठंडा माहौल आखिरकार स्थानीय मोमेंटम को प्रभावित करेगा।
