Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने 17 नवंबर, 2016 से पहले बसी इमारतों के लिए एमनेस्टी स्कीम शुरू की है। इसके तहत ओनर को Occupancy Certificate (OC) पाने के लिए **50%** तक फीस में छूट मिलेगी, हालांकि अनधिकृत निर्माण पर यह लागू नहीं होगा।
मुंबई के हजारों हाउसिंग सोसाइटीज के लिए राहत भरी खबर है। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने उन 20,000 पुरानी इमारतों, स्कूलों और अस्पतालों के लिए एक विशेष एमनेस्टी स्कीम लॉन्च की है, जो बरसों से Occupancy Certificate (OC) के अभाव में अटके हुए थे। OC न होने के कारण इन इमारतों के मालिक न तो अपना फ्लैट बेच पा रहे थे, न ही बैंक लोन ले पा रहे थे।
स्कीम और छूट का गणित
इस योजना के तहत प्रशासन ने रीवैलिडेशन फीस और पेनल्टी पर 50% की सीधी छूट का ऐलान किया है। हालांकि, इसका फायदा उठाने के लिए कुछ शर्तें भी हैं। इसके लिए फ्लैट का कारपेट एरिया 80 वर्ग मीटर से कम होना चाहिए। साथ ही, आवेदक के पास 'Intimation of Disapproval' और 'Commencement Certificate' जैसे बुनियादी दस्तावेज होने अनिवार्य हैं।
आवेदन की प्रक्रिया
पूरी आवेदन प्रक्रिया AutoDCR सिस्टम के जरिए ऑनलाइन होगी, जिसे किसी आर्किटेक्ट या लाइसेंस प्राप्त सर्वेयर के जरिए जमा किया जा सकता है।
सबसे बड़ी चुनौती: डेवलपर का NOC
इस योजना में एक बड़ा पेंच यह है कि आवेदन के लिए ओरिजिनल डेवलपर के NOC की जरूरत पड़ेगी। मुंबई की पुरानी इमारतों के मामले में अक्सर यह पाया गया है कि बिल्डर या तो गायब हो चुके हैं या कोर्ट केस में फंसे हैं। ऐसे में, यह दस्तावेज जुटाना सोसाइटीज के लिए सबसे बड़ी बाधा साबित हो सकता है।
टाइमलाइन और पारदर्शिता
- पहले 6 महीने में आवेदन करने पर कुछ पेनल्टी पूरी तरह माफ होगी।
- 6 महीने से 1 साल के बीच आवेदन करने पर 50% पेनल्टी में राहत मिलेगी।
- इसके बाद सारी रियायतें खत्म हो जाएंगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह योजना केवल वैध प्रशासनिक पेंडेंसी के लिए है, अवैध निर्माणों के लिए नहीं। एंटी-करप्शन ब्यूरो या कोर्ट में लंबित मामलों वाली संपत्तियों को इस राहत से फिलहाल बाहर रखा गया है।
