मुंबई में खुली जगहों की भारी कमी के चलते अब होमबायर्स का रुझान Chembur और Mulund की ओर तेजी से बढ़ रहा है। लोग पुरानी पॉश जगहों के बजाय अब बेहतर कनेक्टिविटी और ग्रीन स्पेस वाले इलाकों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मुंबई का रेजिडेंशियल रियल एस्टेट मार्केट अब एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। लोग अब 'पॉश' इमेज के बजाय अपनी लाइफस्टाइल और क्वालिटी ऑफ लाइफ को प्राथमिकता दे रहे हैं। शहर में प्रति व्यक्ति उपलब्ध ग्रीन एरिया केवल 1.28 वर्ग मीटर है, जो 2034 डेवलपमेंट प्लान के 4 वर्ग मीटर के लक्ष्य से काफी पीछे है। इस कमी ने लोगों को उन इलाकों की ओर धकेल दिया है जहां परमानेंट ग्रीन कवर मौजूद है।
ग्रीन स्पेस का जादू
पुराने उपनगरों में रिडेवलपमेंट के कारण छोटी-छोटी हरी जगहें भी खत्म हो गई हैं। इसके उलट, Chembur में 'Bombay Presidency Golf Club' और Mulund में 'Sanjay Gandhi National Park' की मौजूदगी ने इन्हें एक 'ग्रीन एंकर' का दर्जा दिया है। यह प्राकृतिक बफर परिवारों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
इंफ्रास्ट्रक्चर का असर
कनेक्टिविटी ने इन इलाकों की किस्मत बदल दी है। Chembur को 'Eastern Freeway' और 'Metro Line 2B' से मजबूती मिल रही है। वहीं, Mulund में आने वाला 'Goregaon-Mulund Link Road (GMLR)' और 'Metro Line 4' कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देंगे। सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, Chembur में औसत रेट ₹24,654 प्रति वर्ग फुट और Mulund में ₹28,900 प्रति वर्ग फुट के आसपास चल रहे हैं।
रिस्क फैक्टर और सावधानियां
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इन इलाकों की ग्रोथ काफी हद तक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समय सीमा पर निर्भर है। अगर GMLR या मेट्रो प्रोजेक्ट्स में देरी होती है, तो प्राइस एप्रिसिएशन पर असर पड़ सकता है। साथ ही, इन इलाकों में बढ़ती वर्टिकल डेंसिटी भविष्य में फिर से वही परेशानियां न खड़ी कर दे जो पुराने इलाकों में देखी गई हैं, यह एक बड़ी चिंता का विषय है।
