Motilal Oswal ने Sri Lotus Developers पर 'Buy' रेटिंग दी है और ₹230 का टारगेट प्राइस सेट किया है। पहली तिमाही की सेल्स बुकिंग में भारी उछाल के बाद यह रेटिंग आई है। हालांकि, नए प्रोजेक्ट लॉन्च से ग्रोथ मिली है, लेकिन निवेशक कंपनी के वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन पर नज़र बनाए हुए हैं।
Motilal Oswal की नई कवरेज और टारगेट
Motilal Oswal ने Sri Lotus Developers and Realty पर अपनी कवरेज शुरू कर दी है। ब्रोकरेज फर्म ने इस स्टॉक को 'Buy' रेटिंग दी है और ₹230 का टारगेट प्राइस तय किया है। मौजूदा ₹193-₹194 के ट्रेडिंग रेंज से यह लगभग 19% के अपसाइड पोटेंशियल का संकेत देता है। ब्रोकरेज का यह पॉजिटिव आउटलुक कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 (1QFY27) की पहली तिमाही के शानदार परफॉर्मेंस से प्रेरित है।
1QFY27 में ऑपरेशनल ग्रोथ
Sri Lotus Developers ने जून तिमाही में अपनी सेल्स बुकिंग (रियल एस्टेट सेक्टर में जिसे प्री-सेल्स भी कहते हैं) में भारी बढ़ोतरी दर्ज की है। प्री-सेल्स में पिछले साल के मुकाबले 5.7 गुना की उछाल आई और यह ₹4.1 बिलियन तक पहुंच गई। यह आंकड़ा ब्रोकरेज की उम्मीदों से 37% ज्यादा था। इस ग्रोथ का एक बड़ा कारण मार्च 2026 में लॉन्च हुआ 'Lotus Celestia' प्रोजेक्ट रहा, जिसने अकेले ₹2.7 बिलियन की बुकिंग्स में योगदान दिया।
कंपनी ने 'Lotus Trident' (Andheri West) और 'Lotus Aquaria' (Prabhadevi) जैसे नए प्रोजेक्ट्स भी लॉन्च किए हैं, जिनका कुल ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू ₹13.5 बिलियन है। हालांकि, इन नए प्रोजेक्ट्स का 1QFY27 के नतीजों में योगदान कम रहा क्योंकि ये तिमाही के आखिर में लॉन्च हुए। विश्लेषकों का मानना है कि दूसरी तिमाही और उसके बाद ये प्रोजेक्ट्स रेवेन्यू के बड़े सोर्स बनेंगे।
फाइनेंशियल और ऑपरेशनल पहलू
बिक्री में शानदार ग्रोथ के बावजूद, कंपनी के बिजनेस मॉडल और फाइनेंशियल हेल्थ पर निवेशकों को ध्यान देना होगा। कंपनी एसेट-लाइट स्ट्रैटेजी पर काम करती है और अक्सर जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट्स (JDAs) का इस्तेमाल करती है। इस मॉडल से जमीन खरीदने के लिए शुरुआती पूंजी की जरूरत कम हो जाती है, लेकिन प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के लिए उच्च ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मजबूत पार्टनरशिप की जरूरत होती है। अगर पार्टनर सहयोग या प्रोजेक्ट अप्रूवल्स में देरी होती है, तो यह अनुमानित डिलीवरी टाइमलाइन को प्रभावित कर सकता है।
फाइनेंशियल डेटा के अनुसार, कंपनी फिलहाल उच्च वर्किंग कैपिटल की आवश्यकताओं से जूझ रही है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि कंपनी के डेटर डेज (पेमेंट कलेक्ट करने में लगने वाला समय) लगभग 156 दिन हैं, और कुल वर्किंग कैपिटल साइकिल 520 दिनों तक बढ़ जाती है। निवेशकों के लिए ये आंकड़े महत्वपूर्ण हैं क्योंकि लंबे साइकिल कैश फ्लो पर दबाव डाल सकते हैं, खासकर अगर मुंबई में लग्जरी रियल एस्टेट के मार्केट में गिरावट आती है या ब्याज दरें अस्थिर रहती हैं।
कंपनी 18 अगस्त, 2026 को मुंबई में एक इन्वेस्टर कॉन्फ्रेंस आयोजित करने वाली है। इस इवेंट में कंपनी की इन वर्किंग कैपिटल साइकल्स को मैनेज करने की स्ट्रैटेजी और नए लॉन्च के प्रोग्रेस पर और क्लैरिटी मिलने की उम्मीद है। शेयरहोल्डर्स और मार्केट ऑब्जर्वर्स मैनेजमेंट की भविष्य की प्रोजेक्ट पाइपलाइन और मौजूदा सेल्स मोमेंटम की स्थिरता पर मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नज़र रखेंगे।
