Mindspace Business Parks REIT ने जून तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें नेट ऑपरेटिंग इनकम (NOI) में **28%** की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए प्रति यूनिट **₹6.67** का रिकॉर्ड तिमाही वितरण (Distribution) भी घोषित किया है। यह बढ़त ऊंचे किराए और नए एसेट्स के जुड़ने से संभव हुई है।
मुनाफे का रिकॉर्ड
Mindspace Business Parks REIT ने 2026 के जून तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की नेट ऑपरेटिंग इनकम (NOI) में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 27.8% का उछाल आया है, जो अब ₹788 करोड़ पर पहुंच गई है। इस शानदार प्रदर्शन का श्रेय कंपनी की कुशल लीजिंग गतिविधियों, किराए में हुई बढ़ोतरी और पोर्टफोलियो में नए प्रॉपर्टीज के जुड़ने को जाता है। इसी के साथ, REIT ने प्रति यूनिट ₹6.67 का डिविडेंड घोषित किया है, जो लिस्टिंग के बाद से सबसे बड़ा तिमाही भुगतान है। इसका रिकॉर्ड डेट 8 अगस्त रखा गया है।
रेवेन्यू में भी जोरदार उछाल
तिमाही के दौरान, रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 26.4% की वृद्धि हुई और यह ₹951 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹752 करोड़ था। इस ऑपरेशनल ग्रोथ को कंपनी के नए ऑफिस और होटल एसेट्स के इंटीग्रेशन से बल मिला है। इसमें चेन्नई में Commerzone Pallikaranai में 100% हिस्सेदारी और One Radial प्रोजेक्ट में 51% हिस्सेदारी शामिल है। कंपनी का पोर्टफोलियो 92.1% ऑक्यूपाइड है, जो मुंबई, पुणे और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में ऑफिस स्पेस की मजबूत मांग का संकेत देता है।
मजबूत वित्तीय स्थिति और कर्ज प्रबंधन
REIT ने इस तिमाही में अपनी वित्तीय स्थिति को स्थिर बनाए रखा है। इसका लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेशियो लगभग 29.7% रहा, जबकि कर्ज की लागत 7.42% प्रति वर्ष पर स्थिर रही। कंपनी ने 30 जून, 2026 को ₹500 करोड़ के नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) का रिडेम्पशन भी पूरा किया। Mindspace REIT को ICRA और CRISIL जैसी एजेंसियों से AAA/Stable की क्रेडिट रेटिंग मिली हुई है, जिससे इसे प्रतिस्पर्धी दरों पर फंड जुटाने में मदद मिलती है।
भविष्य की रणनीति और बाजार का आउटलुक
Mindspace REIT अपने डेवलपमेंट पाइपलाइन के तहत 6.6 मिलियन वर्ग फुट पर काम कर रहा है। साथ ही, कंपनी अपने हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट का भी विस्तार कर रही है, जिसमें पुणे और हैदराबाद में Chalet Hotels को प्री-लीज पर दिए गए दो नए होटल शामिल हैं। इससे कंपनी के कैंपस के भीतर कुल होटलों की संख्या पांच हो गई है। पोर्टफोलियो में 19.6% के मार्क-टू-मार्केट रेंटल पोटेंशियल के साथ, कंपनी का लक्ष्य लीज रिन्यूअल पर मौजूदा किरायेदारों से अतिरिक्त रेवेन्यू हासिल करना है।
हालांकि, कंपनी को कुछ व्यावसायिक जोखिमों पर भी नजर रखनी होगी। इसमें ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव का असर, जो नए डेवलपमेंट के लिए कर्ज की लागत को प्रभावित कर सकता है, और भविष्य में बॉन्ड मैच्योरिटी से जुड़े रीफाइनेंसिंग रिस्क शामिल हैं। लंबी अवधि में प्रदर्शन इस बात पर भी निर्भर करेगा कि कंपनी प्रतिस्पर्धी ऑफिस लीजिंग मार्केट में उच्च ऑक्यूपेंसी दर बनाए रख पाती है या नहीं।
