नतीजों का शानदार प्रदर्शन
Mindspace Business Parks REIT ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में जबरदस्त प्रदर्शन किया। कंपनी का रेवेन्यू 31% बढ़कर ₹888 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि नेट ऑपरेटिंग इनकम (NOI) 37.4% की उछाल के साथ ₹742 करोड़ रही। इस तिमाही में कंपनी ने रिकॉर्ड 3.5 मिलियन वर्ग फुट की लीजिंग हासिल की, जिससे पोर्टफोलियो ऑक्युपेंसी रेट 95.7% तक पहुंच गया, जो लिस्टिंग के बाद का सबसे अच्छा स्तर है।
चेन्नई में ₹5,541 करोड़ का भारी निवेश
इस मजबूत ग्रोथ को भुनाने के लिए, REIT चेन्नई में ₹5,541 करोड़ की प्रॉपर्टीज खरीदने जा रही है। इस अधिग्रहण के बाद, Mindspace REIT चेन्नई में दूसरा सबसे बड़ा ऑफिस एसेट ओनर बन जाएगा। इसके अलावा, कंपनी 5.4 मिलियन वर्ग फुट के डेवलपमेंट पाइपलाइन पर भी काम कर रही है। कंपनी का मानना है कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) से ग्रेड A ऑफिस स्पेस की मांग लगातार बनी रहेगी।
मार्केट में मजबूत पकड़
95.7% की ऑक्युपेंसी रेट के साथ, Mindspace REIT अपने प्रतिस्पर्धियों से आगे है। Embassy REIT की ऑक्युपेंसी 95% और Brookfield India REIT की 94% है। भारत में ग्रेड A ऑफिस एसेट्स के लिए मौजूदा बाजार की स्थितियाँ काफी अनुकूल हैं, खासकर GCCs के विस्तार के कारण।'
जोखिम और आगे की राह
हालांकि, इस आक्रामक विस्तार में कुछ जोखिम भी हैं। ₹5,541 करोड़ के चेन्नई अधिग्रहण का सफल इंटीग्रेशन एक बड़ी चुनौती होगी। यदि GCCs का विस्तार धीमा होता है या वैश्विक कॉरपोरेट रियल एस्टेट रणनीतियों में बदलाव आता है, तो यह भविष्य की लीजिंग को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल, REIT का लोन-टू-वैल्यू रेशियो 24.3% है और कॉस्ट ऑफ डेट 7.41% है। ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि कंपनी अपनी मौजूदा ग्रोथ को बनाए रखने में सक्षम है।
