रियल एस्टेट सेक्टर की कंपनी Max Estates ने दूसरी तिमाही के नतीजों में चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी की प्री-सेल्स (Pre-sales) सालाना आधार पर **1,246%** उछलकर **₹2,100 करोड़** पहुंच गई है, जिसके पीछे दिल्ली-NCR में जबरदस्त डिमांड का बड़ा हाथ है।
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में Max Estates का कारोबार रफ्तार पकड़ चुका है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी की प्री-सेल्स महज ₹156 करोड़ थी, जो अब बढ़कर ₹2,100 करोड़ हो गई है। पहली छमाही की कुल सेल्स अब लगभग ₹3,200 करोड़ पर पहुंच गई है, जो कंपनी के विस्तार की कहानी बयां कर रही है।
सफलता के मुख्य कारक
इस शानदार परफॉर्मेंस की मुख्य वजह नोएडा और गुरुग्राम जैसे इलाकों में रही मजबूत डिमांड है। कंपनी ने इस तिमाही में 274 रेसिडेंशियल यूनिट्स बेचीं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा सिर्फ 24 था। इसमें कंपनी के दो प्रमुख प्रोजेक्ट्स 'Max One' और 'Estate 361' का बड़ा योगदान रहा, जिनसे क्रमशः ₹584 करोड़ और ₹962 करोड़ की सेल्स हासिल हुई।
कैश फ्लो और भविष्य की योजना
कंपनी ने तिमाही के दौरान लगभग ₹560 करोड़ का कलेक्शन दर्ज किया है, जो कुल सेल्स वैल्यू का 20-25% है। मैनेजमेंट का फोकस बिना कर्ज लिए प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने पर है। कंपनी का लक्ष्य सालाना 20 लाख स्क्वायर फीट रेसिडेंशियल और 10 लाख स्क्वायर फीट कमर्शियल स्पेस को पोर्टफोलियो में जोड़ने का है।
रिस्क और ध्यान देने योग्य बातें
निवेशकों को यह नहीं भूलना चाहिए कि रियल एस्टेट एक साइक्लिकल (Cyclical) बिजनेस है। कंपनी का सारा फोकस दिल्ली-NCR पर है, जो इसे लोकल रेगुलेशंस और इंफ्रास्ट्रक्चर के उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बनाता है। साथ ही, एग्जीक्यूशन में देरी या बढ़ती लागत मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। आने वाले समय में गाजियाबाद और वेस्ट दिल्ली में नए प्रोजेक्ट्स के लॉन्च पर नजर रखना जरूरी होगा।
