Max Estates ने वेस्ट दिल्ली में **84.71 एकड़** जमीन का अधिग्रहण करने का ऐलान किया है। यह डील **₹420.2 करोड़** की है, जिसे कंपनी कैश के बजाय शेयर स्वैप (Share Swap) के जरिए पूरा करेगी। इससे कंपनी को **₹12,000 करोड़** तक की डेवलपमेंट वैल्यू मिलने की उम्मीद है, हालांकि निवेशकों को **4.12%** इक्विटी डाइल्यूशन का सामना करना पड़ेगा।
दिल्ली में शानदार एंट्री
Max Estates अब दिल्ली के रियल एस्टेट मार्केट में कदम रखने जा रही है। कंपनी ने नजफगढ़ के सेक्टर-3 में 84.71 एकड़ जमीन का सौदा किया है। इस अधिग्रहण के साथ ही कंपनी की मौजूदगी अब नोएडा और गुरुग्राम के बाद पूरे NCR क्षेत्र में पूरी हो गई है।
शेयर स्वैप का गणित
कंपनी ने कैश बचाने के लिए इस डील को शेयर स्वैप का नाम दिया है। इसके तहत जमीन के मालिकों को ₹597.50 प्रति शेयर के भाव पर 70.33 लाख नए शेयर जारी किए जाएंगे। कुल डील का मूल्य लगभग ₹420.23 करोड़ है। इस कदम का सीधा फायदा यह है कि कंपनी का मौजूदा कैश रिजर्व सुरक्षित रहेगा।
ग्रोथ का विजन
इस जमीन से कंपनी को ₹10,000 करोड़ से ₹12,000 करोड़ के ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) का अनुमान है। यह इलाका UER-II इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और द्वारका सब-सिटी के बेहद करीब है, जो भविष्य के विकास के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना होगा कि यह एक लंबी अवधि का प्रोजेक्ट है जिसे चरणों (Phases) में पूरा किया जाएगा।
रिस्क और आगे का रास्ता
इक्विटी डाइल्यूशन के अलावा, इस तरह के बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में रेगुलेटरी अप्रूवल और एग्जीक्यूशन में देरी जैसे जोखिम हमेशा बने रहते हैं। इस सौदे पर आखिरी मुहर 24 सितंबर, 2026 को होने वाली एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद लगेगी।
