Mahindra Lifespace Developers ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में **₹1,988 करोड़** की रेजिडेंशियल प्री-सेल्स दर्ज की है, जो कि **66%** की शानदार बढ़त है। हालांकि, दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट **67%** गिरकर **₹16 करोड़** रह गया है।
मुनाफे में गिरावट की असल वजह
ரியल एस्टेट सेक्टर में कमाई का गणित थोड़ा अलग होता है। कंपनी का मुनाफा तब दर्ज किया जाता है जब प्रोजेक्ट पूरा होकर ग्राहकों को सौंप दिया जाता है। यही कारण है कि प्री-सेल्स में शानदार प्रदर्शन के बावजूद दूसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 67% घटकर ₹16 करोड़ रह गया। कंपनी ने इस छमाही में 1.29 मिलियन स्क्वायर फीट रेजिडेंशियल स्पेस बेचा है, जो बाजार में मजबूत डिमांड को दर्शाता है।
इंडस्ट्रियल सेगमेंट का हाल
कंपनी के इंटीग्रेटेड सिटीज और इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स सेगमेंट का प्रदर्शन थोड़ा धीमा रहा। इस सेगमेंट से रेवेन्यू पिछले साल के ₹219 करोड़ से गिरकर इस छमाही में ₹113 करोड़ पर आ गया है। हालांकि, मैनेजमेंट को उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में प्रोजेक्ट्स का एक बड़ा पाइपलाइन तैयार हो जाएगा।
मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ
निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत है। 30 सितंबर, 2026 तक कंपनी का नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो -0.28 है। अपनी इसी मजबूत नकदी के दम पर कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है। मौजूदा छमाही में कंपनी ने अपने पाइपलाइन में ₹7,100 करोड़ की ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) जोड़ी है, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹5,200 करोड़ से कहीं ज्यादा है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपनी प्री-सेल्स मोमेंटम को प्रॉफिट में कितनी तेजी से बदल पाती है।
