Mahindra Lifespace Developers अब मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) के प्लॉटेड लैंड मार्केट में कदम रख रही है। कंपनी ने कर्जत-मुरबाड रोड पर 100 एकड़ जमीन खरीदी है। हालांकि, निवेशकों की नजर कंपनी के हालिया नतीजों पर है, जहां मुनाफा **66%** गिरा है, जबकि सेल्स बुकिंग में **41%** का उछाल आया है।
प्लॉटेड डेवलपमेंट से नई शुरुआत
Mahindra Lifespace Developers ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में अपनी पहली 'प्लॉटेड डेवलपमेंट' एंट्री का ऐलान किया है। कर्जत-मुरबाड रोड पर अधिग्रहित की गई यह 100 एकड़ की जमीन कंपनी के लिए चेन्नई के 'Mahindra World City' के बाहर अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है। इस मॉडल के तहत कंपनी जमीन के टुकड़े ग्राहकों को बेचेगी, जो वहां अपना घर खुद बनाएंगे। इस बिजनेस मॉडल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट की तुलना में कंस्ट्रक्शन का समय कम लगता है और इन्वेंट्री को किस्तों में रिलीज करना आसान होता है। कंपनी इसी रणनीति को पुणे और बेंगलुरु जैसे बाजारों में भी आजमाने की तैयारी कर रही है।
मुनाफे और बुकिंग में विरोधाभास
जहां एक ओर कंपनी का विस्तार आक्रामक दिख रहा है, वहीं फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के नतीजे निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹16.34 करोड़ रहा है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 66% की भारी गिरावट दिखाता है। हैरानी की बात यह है कि सेल्स बुकिंग में 41% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इसका फायदा मुनाफे में नहीं दिख रहा है। यह मार्जिन और ऑपरेशनल खर्चों से जुड़ी चुनौतियों की ओर इशारा करता है।
निवेशकों के लिए आगे की राह
निवेशकों के लिए चुनौती यह है कि कंपनी MMR जैसे नए बाजार में अपनी ऑपरेशनल कुशलता को कैसे बरकरार रखती है। चेन्नई से बाहर यह पहली बड़ी कोशिश है, इसलिए प्रोजेक्ट की टाइमलाइन और मुनाफे को लेकर कंपनी के मैनेजमेंट की कमेंट्री पर बाजार की कड़ी नजर रहेगी।
