Mahindra Lifespace Developers ने मुंबई के बोरीवली और चेंबूर में **3** नए रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स साइन किए हैं। **₹1,500 करोड़** की अनुमानित रेवेन्यू क्षमता वाले ये प्रोजेक्ट्स कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी का हिस्सा हैं।
मुंबई मार्केट में विस्तार की रणनीति
Mahindra Lifespace ने अपनी विस्तार योजनाओं को गति देते हुए मुंबई के प्राइम इलाकों में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि बोरीवली में 2 और चेंबूर में 1 हाउसिंग सोसाइटी के साथ करार किया गया है। इन प्रोजेक्ट्स की ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) लगभग ₹1,500 करोड़ आंकी गई है। मुंबई जैसे शहर में, जहां नई जमीन मिलना मुश्किल है, पुरानी सोसाइटियों का रिडेवलपमेंट ही बड़े बिल्डर्स के लिए सप्लाई बनाए रखने का मुख्य जरिया बन गया है।
मजबूत फाइनेंशियल सेहत
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 67% बढ़कर ₹86 करोड़ पर पहुंच गया है। सबसे अच्छी बात यह है कि कंपनी के पास नेट कैश सरप्लस है और 30 जून 2026 तक इसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो -0.20 रहा है। यह मजबूत बैलेंस शीट कंपनी को लंबे समय तक चलने वाले रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में निवेश करने की ताकत देती है। इसके अलावा, कंपनी अपनी चार एसोसिएट कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर ₹80 करोड़ जुटाने की तैयारी में है, ताकि सारा फोकस केवल कोर रेसिडेंशियल बिजनेस पर रहे।
रिडेवलपमेंट से जुड़े जोखिम
हालांकि डील बड़ी है, लेकिन इन्वेस्टर्स को रिडेवलपमेंट बिजनेस की पेचीदगियों को भी समझना होगा। ऐसे प्रोजेक्ट्स में रेगुलेटरी अप्रूवल और सोसाइटी के सदस्यों के साथ बातचीत में काफी समय लग सकता है, जिससे कंस्ट्रक्शन शुरू होने में देरी होने की संभावना बनी रहती है। साथ ही, रियल एस्टेट सेक्टर की साइक्लिकल नेचर को देखते हुए, लग्जरी सेगमेंट में डिमांड कम होने या इंटरेस्ट रेट्स में बदलाव होने का असर प्रोजेक्ट्स की सेल्स मोमेंटम पर पड़ सकता है।
