📉 जानिए कैसा रहा कंपनी का प्रदर्शन
Mahindra Lifespace Developers Limited (MLDL) ने दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3) के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹109 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) कमाया है, जो पिछले साल Q3 FY25 में दर्ज ₹23 करोड़ के घाटे की तुलना में एक शानदार वापसी है।
यह बड़ी उछाल मुख्य रूप से कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 194.7% की जबरदस्त साल-दर-साल (YoY) बढ़ोतरी के कारण आई है, जो ₹459 करोड़ रहा। इस शानदार प्रदर्शन में रेसिडेंशियल (Residential) सेगमेंट का बड़ा योगदान रहा, जहां प्री-सेल्स (Pre-sales) में 71% की वृद्धि के साथ ₹572 करोड़ का आंकड़ा छुआ। वहीं, इंटीग्रेटेड सिटीज एंड इंडस्ट्रियल क्लस्टर (IC&IC) बिजनेस ने भी दमदार प्रदर्शन किया, जिससे ₹134 करोड़ का रेवेन्यू मिला, जो पिछले साल की ₹70 करोड़ की तुलना में दोगुना से भी ज्यादा है। इसके अलावा, Mahindra Homes Limited में बाकी हिस्सेदारी खरीदने से हुए ₹2,583 लाख (₹25.83 करोड़) के असाधारण लाभ (Exceptional gain) ने भी रिपोर्टेड प्रॉफिट को बढ़ाने में मदद की।
चालू फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (9M FY26) के पहले नौ महीनों में, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 49.5% बढ़कर ₹543 करोड़ हो गया, और PAT ₹208 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹24 करोड़ के घाटे से एक बड़ा सुधार है।
स्टैंडअलोन (Standalone) आधार पर देखें तो, Q3 FY26 में कुल इनकम 52.3% बढ़कर ₹401 करोड़ रही, और स्टैंडअलोन PAT 111.3% बढ़कर ₹101 करोड़ दर्ज किया गया। 9M FY26 के लिए, स्टैंडअलोन PAT 103.2% बढ़कर ₹475 करोड़ हो गया। नए लेबर कोड के प्रभाव के कारण ₹360 लाख का एक असाधारण आइटम (Exceptional item) भी नोट किया गया।
💰 मजबूत वित्तीय स्थिति और भविष्य की राह
MLDL अपनी मजबूत वित्तीय स्थिति बनाए हुए है। 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी का नेट डेट-टू-इक्विटी (Net Debt-to-Equity) रेश्यो -0.12 रहा, जो बताता है कि कंपनी के पास नेट कैश सरप्लस (Net cash surplus) है। कंपनी ने ₹1,494.8 करोड़ का राइट्स इश्यू (Rights Issue) सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिससे मिले फंड का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, जमीन खरीदने और वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा।
MD & CEO श्री अमित कुमार सिन्हा के नेतृत्व में मैनेजमेंट ने प्रदर्शन पर संतुष्टि जताई है। कंपनी ने भविष्य में आने वाली कई रेसिडेंशियल लॉन्च (Residential Launches) की संभावनाओं और IC&IC सेगमेंट में इंडस्ट्रियल प्लॉट्स (Industrial Plots) की मजबूत मांग पर प्रकाश डाला। साथ ही, 2030 तक नेट ज़ीरो होम्स (Net Zero Homes) का लक्ष्य हासिल करने की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि MLDL, IND AS 115 के तहत 'कंप्लीटेड कॉन्ट्रैक्ट्स मेथड' (Completed Contracts Method) का उपयोग करके रेवेन्यू को पहचानता है। इस अकाउंटिंग व्यवस्था के कारण, अंतरिम अवधि के नतीजों में वर्तमान परिचालन गतिविधियों का पूरा प्रतिबिंब नहीं दिख सकता है।