Mahindra Lifespace Developers (MLDL) ने दिसंबर 2025 में समाप्त तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों (9M FY26) के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी ने एक जबरदस्त फाइनेंशियल टर्नअराउंड दिखाया है।
नतीजों का गणित
कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 195% की भारी बढ़ोतरी हुई, जो ₹45,916 लाख तक पहुंच गया (Q3 FY25 में ₹15,577 लाख था)। इस रेवेन्यू ग्रोथ का सीधा असर बॉटम लाइन पर दिखा, कंपनी ने Q3 FY26 में ₹10,888 लाख का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया। यह पिछले साल की समान अवधि में हुए ₹2,247 लाख के नुकसान के मुकाबले एक बड़ा बदलाव है। वहीं, 9M FY26 के लिए कंसॉलिडेटेड PAT ₹20,805 लाख रहा, जो पिछले साल के ₹2,374 लाख के नुकसान से काफी बेहतर है।
अगर स्टैंडअलोन बेसिस की बात करें, तो Q3 FY26 में रेवेन्यू 68.5% बढ़कर ₹27,246 लाख रहा (Q3 FY25 में ₹16,170 लाख था)। स्टैंडअलोन PAT में 113% की जोरदार उछाल देखी गई और यह ₹10,087 लाख पर पहुंच गया (Q3 FY25 में ₹4,773 लाख था)। 9M FY26 के लिए स्टैंडअलोन PAT 103% बढ़कर ₹4,754 लाख रहा (9M FY25 में ₹2,339 लाख था)।
ग्रोथ के पीछे की वजहें
कंपनी के एमडी और सीईओ, अमित कुमार सिन्हा ने बताया कि इस शानदार परफॉरमेंस की मुख्य वजहें रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स का पूरा होना और इंडस्ट्रियल और कमर्शियल लीजिंग (IC&IC) सेगमेंट में लगातार बनी मजबूत डिमांड रही। तीन रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स की डिलीवरी ने Q3 FY26 के PAT में बड़ा योगदान दिया।
मजबूत फाइनेंशियल पोजीशन
MLDL की फाइनेंशियल पोजीशन काफी मजबूत है। 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट डेट टू इक्विटी रेशियो -0.12 था, जो दर्शाता है कि कंपनी पर कर्ज नहीं, बल्कि पर्याप्त कैश सरप्लस है। 9M FY26 में ₹1,49,480 लाख का राइट्स इश्यू भी सफलतापूर्वक पूरा हुआ, जिससे मिले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, जमीन खरीदने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में किया गया।
इसके अलावा, कंपनी ने 28 नवंबर 2025 को Mahindra Homes Private Ltd. में अपनी बाकी 25.65% हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा कर लिया। इस स्ट्रेटेजिक एक्विजिशन से कंपनी को एक 'एक्सेप्शनल गेन' भी हुआ, जिसने तिमाही नतीजों को और बेहतर बनाया।
आगे की राह और विजन
कंपनी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए 'कंप्लीटेड कॉन्ट्रैक्ट मेथड' के तहत IND AS 115 के अनुसार रेवेन्यू रिकग्नाइज करती है। MLDL सस्टेनेबिलिटी पर भी जोर दे रही है, जिसका लक्ष्य 2030 तक नेट जीरो होम्स और 2040 तक कार्बन न्यूट्रल बनना है।