Mahesh Developers Limited ने ₹2.34 लाख का नेट प्रॉफिट कमाया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹0.49 लाख की तुलना में 377.55% की जबरदस्त उछाल है। इस दौरान अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी 500% का इजाफा हुआ और यह ₹0.06 रहा। 9 महीनों की बात करें तो कंपनी ने ₹5.98 लाख का प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹3.13 लाख का घाटा था।
मगर, इन शानदार नंबर्स के बीच एक बड़ा सवाल यह है कि यह मुनाफा आया कहाँ से? कंपनी ने जो अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे जारी किए हैं, उनमें 'रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस' यानी कंपनी के मुख्य कामकाज से होने वाली आय का कहीं भी जिक्र नहीं है। यह सबसे अहम आंकड़ा, जो किसी कंपनी की असल कमाई को दर्शाता है, इस बार 'शून्य' बताया गया है। रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन जैसे सेक्टर में यह पूरी तरह असामान्य है।
तो फिर यह ₹2.34 लाख का प्रॉफिट आया कहाँ से? रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी की 'टोटल इनकम' का बड़ा हिस्सा 'अन्य इनकम' (Other Income) और 'इन्वेंटरी वैल्यू में बदलाव' (Changes in Inventory Value) से आया है। कंपनी की पिछली रिपोर्टिंग पर नजर डालें तो सितंबर 2022 तक 'ऑपरेशन से रेवेन्यू' का उल्लेख मिलता था, ऐसे में यह वर्तमान प्रैक्टिस कंपनी के अपने ही पिछले तरीकों से अलग है।
इन्वेस्टर्स के लिए ये 'रेड फ्लैग' क्यों है?
'रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस' का न दिखना एक गंभीर चिंता का विषय है। यह इन्वेस्टर्स को कंपनी की कोर बिजनेस की असल परफॉर्मेंस समझने से रोकता है। असल में, एनालिस्ट्स और निवेशक इसी आंकड़े से कंपनी की सेल्स, मार्केट शेयर और बिजनेस मॉडल की मजबूती का पता लगाते हैं। जब प्रॉफिट का आधार 'अन्य इनकम' और इन्वेंटरी एडजस्टमेंट्स हों, तो यह कंपनी के असली बिजनेस की चुनौतियों को छिपा सकता है और एक झूठी तस्वीर पेश कर सकता है।
Mahesh Developers सिविल कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट डेवलपमेंट सेक्टर में काम करती है। इस सेक्टर की जानी-मानी कंपनियां जैसे Godrej Properties, DLF India, Mahindra Lifespace Developers Ltd, और PSP Projects Ltd अपने प्रोजेक्ट्स, कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्ट्स और प्रॉपर्टी डेवलपमेंट से बढ़िया रेवेन्यू रिपोर्ट करती हैं। Mahesh Developers की वर्तमान रिपोर्टिंग प्रैक्टिस इन स्थापित कंपनियों से काफी अलग और चिंताजनक है, जिससे सीधी तुलना करना भी मुश्किल हो जाता है।
ऊपर से, कंपनी के मैनेजमेंट ने नतीजों के साथ भविष्य के प्रदर्शन को लेकर कोई गाइडेंस या आउटलुक भी जारी नहीं किया है। इस तरह की रिपोर्टिंग प्रैक्टिस और भविष्य की कोई जानकारी न होने के चलते, इन्वेस्टर्स के लिए कंपनी के भविष्य को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई है।