MahaRERA का बड़ा एक्शन: 'Swami Krupaa' प्रोजेक्ट में 12 साल की देरी पर बिल्डर को रिफंड का आदेश

REAL-ESTATE
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
MahaRERA का बड़ा एक्शन: 'Swami Krupaa' प्रोजेक्ट में 12 साल की देरी पर बिल्डर को रिफंड का आदेश

महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (MahaRERA) ने 'Swami Krupaa' प्रोजेक्ट के बिल्डर को खरीदारों का पैसा वापस करने का निर्देश दिया है। प्रोजेक्ट में 12 साल की देरी और मंजूरी न होने के चलते यह फैसला लिया गया है, जो घर खरीदारों के लिए एक बड़ा सबक है।

प्रोजेक्ट में क्यों आई रुकावट?

इस मामले की जड़ में प्रोजेक्ट की मंजूरी (Approvals) से जुड़ी भारी चूक है। डेवलपर ने छठी और सातवीं मंजिल पर फ्लैट्स बेच दिए थे, जबकि आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक निर्माण की अनुमति सिर्फ पांचवीं मंजिल तक ही थी। इसके अलावा, RERA पोर्टल पर प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन भी रिन्यू नहीं कराया गया था, जिससे काम पूरी तरह ठप हो गया और खरीदार 12 साल से अपने घर का इंतजार कर रहे हैं।

RERA एक्ट खरीदारों का कवच

यह मामला साबित करता है कि RERA एक्ट का सेक्शन 18 खरीदारों के लिए कितना महत्वपूर्ण है। ट्रिब्यूनल ने साफ कहा है कि डेवलपर म्युनिसिपल विवादों या आर्थिक तंगी का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। यदि बिल्डर तय समय पर पजेशन (Possession) देने में नाकाम रहता है, तो खरीदार अपनी पूरी रकम ब्याज सहित वापस पाने का कानूनी हक रखते हैं।

कैश पेमेंट से बचें, वरना फंस सकते हैं आप

इस आदेश ने अनडॉक्युमेंटेड फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस के जोखिमों को भी उजागर किया है। खरीदारों ने दावा किया कि उन्होंने प्रॉपर्टी के लिए काफी कैश भुगतान किया था, लेकिन कोई रसीद या डिजिटल ट्रेल न होने के कारण रिफंड की रकम तय करना मुश्किल हो गया।

निवेशकों के लिए सलाह है कि हमेशा बैंक के जरिए ही पेमेंट करें और हर ट्रांजैक्शन की रसीद लें। किसी भी प्रॉपर्टी में निवेश से पहले RERA पोर्टल पर प्रोजेक्ट का स्टेटस, रजिस्ट्रेशन की वैधता और कंस्ट्रक्शन अप्रूवल जरूर चेक करें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.