Macrotech Developers के शेयर **₹1,209** पर बंद हुए। कंपनी ने Q1 FY27 में **100%** का जबरदस्त उछाल दिखाते हुए **₹1,373 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। अब निवेशकों की नज़र **14 अगस्त** को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर है, जहां मैनेजमेंट से अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
Lodha Group की कमाई में बंपर उछाल!
Macrotech Developers, जिसे Lodha Group के नाम से भी जाना जाता है, ने रियल एस्टेट सेक्टर में अपनी धाक जमा दी है। 12 अगस्त, 2026 को कंपनी के शेयर ₹1,209 पर बंद हुए। यह तेजी कंपनी की पिछली तिमाही की शानदार कमाई के बाद आई है।
Q1 FY27 के नतीजे क्या कहते हैं?
जून 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही (Q1 FY27) में, कंपनी ने ₹1,373 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 100% की ज़बरदस्त ग्रोथ है। कंपनी का रेवेन्यू भी बढ़कर ₹4,996.7 करोड़ हो गया, जो इसके प्रोजेक्ट पाइपलाइन से मजबूत कैश फ्लो जेनरेट करने की क्षमता को दर्शाता है।
आगे क्या? AGM पर सबकी नजर!
वित्तीय नतीजे जारी होने के बाद, अब शेयरधारकों का ध्यान 14 अगस्त, 2026 को होने वाली 31वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर है। इस मीटिंग में कंपनी का मैनेजमेंट भविष्य की योजनाओं, प्रोजेक्ट डिलीवरी और कैपिटल एलोकेशन पर चर्चा करेगा। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए ₹4.25 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है।
वैल्यूएशन और प्रमोटर होल्डिंग पर भी एक नज़र
हालांकि नतीजे शानदार हैं, निवेशक कंपनी के वैल्यूएशन और गवर्नेंस पर भी गौर कर रहे हैं। फिलहाल, शेयर का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो लगभग 29.2 है, जो भविष्य में ग्रोथ की उच्च उम्मीदों को दर्शाता है। इसके अलावा, हालिया फाइलिंग्स से पता चला है कि पिछले तिमाही में प्रमोटर की होल्डिंग में 1.96% की कमी आई है।
अहम मार्केट्स और बैलेंस शीट
Macrotech Developers का प्रदर्शन मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR), पुणे और बेंगलुरु जैसे प्रमुख बाजारों में रियल एस्टेट की मांग से जुड़ा है। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.42 है, जो इसे एक स्थिर बैलेंस शीट प्रदान करता है। नए प्रोजेक्ट्स के लिए फंड जुटाना और निर्माण कार्य जारी रखना इसके लिए एक महत्वपूर्ण कार्य बना रहेगा।
निवेशक आगामी AGM से नई प्रोजेक्ट लॉन्च और प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखने की रणनीतियों के बारे में अपडेट की उम्मीद कर रहे हैं। इन कोर मार्केट्स में कंपनी की एग्जीक्यूशन क्षमता ही आने वाली तिमाहियों में इसके प्रदर्शन को निर्धारित करेगी।
