Macrotech Developers (Lodha) ने पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹20,530 करोड़ की सेल्स बुकिंग दर्ज की, जो पिछले साल से 16% की जोरदार बढ़ोतरी है। इससे भी बढ़कर, कंपनी ने ₹3,430.7 करोड़ का रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट कमाया, जो पिछले साल के ₹2,766.6 करोड़ के मुकाबले काफी प्रभावशाली है। अब इसी मजबूत नींव पर, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए ₹24,000 करोड़ की सेल्स बुकिंग का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जो 17% की और ग्रोथ दर्शाता है।
रिकॉर्ड प्रॉफिट और ग्रोथ की राह
वित्तीय वर्ष 2026 के अंत तक, कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹3,430.7 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष ₹2,766.6 करोड़ था। कुल इनकम (Total Income) भी बढ़कर ₹17,119.5 करोड़ हो गई, जो 2024-25 में ₹14,169.8 करोड़ थी। इस मजबूत प्रदर्शन के आधार पर FY27 के लिए 17% यानी ₹24,000 करोड़ का सेल्स बुकिंग टारगेट तय किया गया है। कंपनी के MD & CEO, अभिषेक लोढ़ा के अनुसार, यह प्रदर्शन प्रॉफिटेबल एक्सपेंशन और कम कर्ज बनाए रखने की रणनीति का नतीजा है, जो बिजनेस को बड़ा बनाने में मदद करती है।
धीमे हो रहे हाउसिंग मार्केट में स्ट्रैटेजी
Macrotech Developers के ये आक्रामक सेल्स टारगेट ऐसे समय में आए हैं जब भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर 2022 से 2024 के मजबूत ग्रोथ पीरियड के बाद, 2025 से मांग में नरमी देख रहा है। कंपनी का कहना है कि Lodha जैसे बड़े और जाने-माने डेवलपर्स का लगातार सफल होना उनकी बेहतर फाइनेंसियल और ऑपरेशनल परफॉरमेंस की वजह से है। यह दिखाता है कि आम आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद, भरोसेमंद ब्रांड्स की मांग बनी हुई है। Lodha का एक बड़ा डेवलपमेंट पोर्टफोलियो है, जो मुख्य रूप से मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन, पुणे और बेंगलुरु में फैला है, और हाल ही में दिल्ली-NCR में भी रणनीतिक जमीनें खरीदी गई हैं।
कॉम्पिटिशन और वैल्यूएशन
भारतीय रियल एस्टेट मार्केट में Macrotech Developers का मुकाबला DLF Ltd., Godrej Properties Ltd. और Oberoi Realty Ltd. जैसे बड़े खिलाड़ियों से है। अप्रैल 2026 तक, DLF Ltd. का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹145,313 करोड़ था, जिसका P/E रेश्यो लगभग 50.56 था। Godrej Properties Ltd. का मार्केट कैप ₹54,232.50 करोड़ और TTM P/E रेश्यो 132.25 था। वहीं, Oberoi Realty Ltd. का मार्केट कैप ₹61,765.10 करोड़ और TTM P/E रेश्यो 36.36 था। Macrotech Developers का P/E रेश्यो 29.8 से 32.34 के बीच रहा है, जो इन मेट्रिक्स के आधार पर कुछ साथियों की तुलना में अधिक आकर्षक वैल्यूएशन का संकेत दे सकता है।
जोखिम और चिंताएं
हालांकि, निवेशकों को कुछ संभावित जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। FY27 के लिए 17% सेल्स ग्रोथ का टारगेट, हाउसिंग डिमांड के बने रहने और 2025 से धीमे हो रहे मार्केट में Lodha की एग्जीक्यूशन क्षमता पर निर्भर करेगा। DLF जैसे कंपटीटर्स भी प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस कर रहे हैं और कर्ज कम कर रहे हैं, जो कड़ी टक्कर दे रहे हैं। इसके अलावा, Macrotech Developers का कर्ज कम करने का टारगेट थोड़ा पिछड़ गया है, जिसके तहत Q4 FY26 में ₹18,000 करोड़ का नेट कर्ज था, जबकि लक्ष्य ₹12,000 करोड़ का था। कंपनी के यूके ऑपरेशंस से जुड़ी अनिश्चितताएं भी एक और रिस्क फैक्टर हैं। कंपनी का बैलेंस शीट मजबूत बना हुआ है, लेकिन हालिया स्टॉक परफॉरमेंस में साल-दर-साल 36.32% की गिरावट आई है, और कुछ एनालिस्ट्स ने 'सेल' रेटिंग या डाउनग्रेड भी दिए हैं।
एनालिस्ट्स की राय और भविष्य
एनालिस्ट्स (Analysts) की राय Macrotech Developers के बारे में मिली-जुली है। कुछ रिपोर्ट्स में नेगेटिव टेक्निकल आउटलुक और हालिया डाउनग्रेड्स का जिक्र है। वहीं, कुछ एनालिस्ट कंसेंसस 12-महीने के टारगेट ₹1,300 से ₹1,550 तक के संभावित अपसाइड की ओर इशारा करते हैं। हालिया रेटिंग्स के अनुसार, 18 एनालिस्ट्स ने 'बाय' की सलाह दी है, जिनका टारगेट प्राइस लगभग ₹1,215.00 है। 27 अप्रैल 2026 को होने वाली इन्वेस्टर कॉल (Investor Call) FY26 के नतीजों पर चर्चा करने के लिए अहम होगी, जिससे मैनेजमेंट की स्ट्रेटेजी और ग्रोथ टारगेट के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का पता चलेगा। कंपनी के लिए कर्ज प्रबंधन (Debt Management) और एक्सपेंशन प्लान्स, खासकर NCR रीजन में, एग्जीक्यूट करना उसके भविष्य के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
