डेटा सेंटर की ओर Lodha का बड़ा कदम, पर जांच की आंच
Lodha Developers के शेयरों में शुक्रवार को 6.6% तक की उछाल देखी गई, जिससे यह इंट्राडे में ₹842 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी की वजह ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) की एक रिपोर्ट है, जिसने कंपनी के नए डेटा सेंटर बिजनेस को लेकर बड़ा भरोसा जताया है। जेफरीज ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए शेयर का टारगेट प्राइस ₹1,215 रखा है, जो मौजूदा स्तरों से 53.9% की संभावित तेजी का संकेत देता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, Lodha Developers अगले 3 से 5 सालों में जमीन की बिक्री से मिलने वाले करीब ₹12,000 करोड़ का निवेश अपने डेटा सेंटर बिजनेस में करेगा। कंपनी 200 MW की क्षमता वाले पावर्ड-शेल डेटा सेंटर विकसित करने की योजना बना रही है। जेफरीज का अनुमान है कि इससे FY27-FY29 के बीच ₹500 करोड़ का सालाना लीज इनकम (Lease Income) मिल सकता है। इस बिजनेस सेगमेंट का वैल्यूएशन ₹140 प्रति शेयर तक आंका गया है।
यह रणनीतिक बदलाव कंपनी के लिए बड़ा है, क्योंकि वह रियल एस्टेट से हटकर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में उतर रही है। शेयर पिछले 7 सत्रों से लगातार बढ़त बना रहा है और 2 अप्रैल के ₹625 के 52-हफ्ते के निचले स्तर से 27% से ज़्यादा सुधर चुका है।
बाजार का नज़रिया और मुकाबला
भारत का डेटा सेंटर बाजार तेजी से बढ़ रहा है, जिसके 2031 तक 13.37% से 22.79% की CAGR दर से बढ़ने का अनुमान है। इस क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन, 5G और AI के चलते भारी निवेश आ रहा है। Lodha Developers को STT GDC India, AdaniConneX, NTT और Nxtra by Airtel जैसे दिग्गजों से मुकाबला करना होगा।
Lodha Developers का PE रेश्यो 20.82x से 29.58x के बीच है, जो कुछ प्रतिस्पर्धियों जैसे Embassy Office Parks REIT (34.62x-77.48x) और DLF (30.21x-51.56x) की तुलना में कम है। यह बताता है कि जेफरीज का टारगेट प्राइस भविष्य की ग्रोथ को ध्यान में रखकर दिया गया है। कंपनी का नेट डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 0.23x पर नियंत्रण में है।
गवर्नेंस पर सवाल और धोखाधड़ी का दाग
जहां एक ओर कंपनी का बिजनेस एक्सपेंशन (Business Expansion) पॉजिटिव है, वहीं दूसरी ओर गवर्नेंस (Governance) को लेकर बड़ी चिंताएं हैं। सितंबर 2025 में, कंपनी ने एक पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, राजेंद्र लोढ़ा (Rajendra Lodha) पर ₹85 करोड़ के कथित धोखाधड़ी का खुलासा किया था। इस मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी और हाल ही में मार्च 2026 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लगभग ₹59 करोड़ की संपत्ति जब्त की है।
ED की जांच में सामने आया है कि राजेंद्र लोढ़ा पर कंपनी की जमीन और TDRs को काफी कम दाम पर बेचकर फंड डायवर्ट करने का आरोप है। एक प्लॉट को ₹88 लाख में बेचकर बाद में ₹10.88 करोड़ में रीसेल करने का मामला भी सामने आया है। इन आरोपों में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और गबन जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।
हालांकि Lodha Developers ने जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी (Zero-tolerance policy) अपनाने और जांच में सहयोग करने की बात कही है, पर इस धोखाधड़ी के मामले और ED की चल रही जांच से कंपनी की प्रतिष्ठा (Reputation) पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इससे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी निवेशक और पार्टनर्स को जुटाना मुश्किल हो सकता है।
आगे क्या?
जेफरीज का ₹1,215 का टारगेट प्राइस Lodha Developers के डेटा सेंटर प्लान की सफल एग्जीक्यूशन (Execution) और कोर रियल एस्टेट बिजनेस की मजबूती पर टिका है। हालांकि, कंपनी के लिए अपनी गवर्नेंस की समस्याओं को सुलझाना और बड़े, कैपिटल-इंटेंसिव (capital-intensive) डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करना सबसे बड़ी चुनौती होगी, जो निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए अहम है।