भारतीय रियल एस्टेट में LURE Holdings और CIRIL की बड़ी एंट्री, **$2.5 बिलियन** के प्रोजेक्ट्स पर नजर

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AuthorMehul Desai|Published at:
भारतीय रियल एस्टेट में LURE Holdings और CIRIL की बड़ी एंट्री, **$2.5 बिलियन** के प्रोजेक्ट्स पर नजर

अमेरिकी कंपनी LURE Holdings और भारत की CIRIL ने एक बड़ी साझेदारी की है। इस डील का लक्ष्य सालाना **$2.5 बिलियन** के ब्रांडेड रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स तैयार करना है, जिसमें **300** से ज्यादा ग्लोबल लाइफस्टाइल ब्रांड्स को जोड़ा जाएगा।

अमेरिकी फर्म LURE Holdings ने हैदराबाद स्थित एडवाइजरी कंपनी CIRIL के साथ मिलकर भारतीय बाजार में कदम रखा है। यह गठबंधन देश के 8 बड़े शहरों में रेसिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में ग्लोबल लाइफस्टाइल, फैशन और हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स को लाने की योजना बना रहा है।

कैसे काम करेगा यह मॉडल?

यह पूरा प्रोजेक्ट एक 'एसेट-लाइट' मॉडल पर आधारित है। LURE Holdings ब्रांड क्यूरेटर की भूमिका निभाएगी, जबकि CIRIL स्थानीय डेवलपर्स और प्रोजेक्ट्स के बीच समन्वय का काम देखेगी। सबसे अहम बात यह है कि इन प्रोजेक्ट्स में फंडिंग और निर्माण की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय डेवलपर्स की होगी।

लग्जरी घरों की बढ़ती मांग

भारतीय रियल एस्टेट में अब 'प्रीमियम' का दौर है। रईस खरीदार अब लोकेशन के साथ-साथ ब्रांड नाम को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं। डेवलपर्स को उम्मीद है कि ग्लोबल ब्रांड्स के जुड़ने से वे अपने लग्जरी यूनिट्स के लिए ऊंची कीमत वसूल पाएंगे।

क्या हैं खतरे?

हालांकि यह सुनने में काफी आकर्षक है, लेकिन इसमें बड़े जोखिम भी हैं। चूंकि LURE या CIRIL खुद निर्माण या फंडिंग नहीं कर रहे हैं, इसलिए पूरा दारोमदार तीसरे पक्ष (थर्ड-पार्टी डेवलपर्स) की क्षमता पर टिका है। यदि कोई स्थानीय डेवलपर समय पर काम पूरा नहीं कर पाता है या वित्तीय संकट में फंसता है, तो ब्रांड की प्रतिष्ठा के बावजूद प्रोजेक्ट फेल हो सकता है। साथ ही, रेवेन्यू शेयरिंग और वित्तीय प्रतिबद्धताओं को लेकर अभी भी कई चीजें स्पष्ट नहीं हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.