ऑपरेशन्स में दमदार, पर शेयर में आई गिरावट: आखिर क्या है वजह?
Keystone Realtors, जो Rustomjee ब्रांड के तहत काम करती है, ने FY26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में 53% की सालाना उछाल के साथ ₹1,346 करोड़ की प्री-सेल्स दर्ज की। पूरे वित्तीय वर्ष के लिए, प्री-सेल्स 33% बढ़कर ₹4,022 करोड़ पर पहुंच गई, जो कंपनी के तय किए गए लक्ष्यों को पूरा करती है। इसी तरह, कलेक्शन (Vasooli) के मामले में भी कंपनी ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। Q4 में कलेक्शन 14% बढ़कर ₹853 करोड़ रहा, जबकि पूरे साल का कलेक्शन 13% की वृद्धि के साथ ₹2,621 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी ने नए प्रोजेक्ट लॉन्च के गाइडेंस को भी पीछे छोड़ दिया। FY26 में ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) ₹9,813 करोड़ रही, जो पिछले साल से लगभग दोगुनी है और लक्ष्य का 140% है। बिजनेस डेवलपमेंट में भी 118% की जोरदार साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें ₹10,420 करोड़ का संयुक्त GDV शामिल है। चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर बोमन ईरानी ने FY26 को एक मजबूत साल बताया, और मुंबई में रीडेवलपमेंट के अवसरों का लाभ उठाने के लिए कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट पर जोर दिया।
निवेशक क्यों कर रहे वैल्यूएशन पर फोकस?
इतने मजबूत ऑपरेशन्स के बावजूद, सोमवार 6 अप्रैल 2026 को Keystone Realtors के शेयर में गिरावट देखी गई। शेयर अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा था, और पिछले एक साल में यह लगभग 26% से 28% तक गिर चुका है। यह स्थिति बताती है कि निवेशकों का ध्यान सिर्फ सेल्स ग्रोथ से हटकर कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (मुनाफे) और वैल्यूएशन (मूल्यांकन) की ओर चला गया है।
प्रीमियम वैल्यूएशन और सेक्टर का मिले-जुले संकेत
Keystone Realtors का मौजूदा P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) 52x-58x के आसपास है, जो इसके प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों जैसे DLF (लगभग 27-30x) और Godrej Properties (लगभग 26-30x) की तुलना में काफी अधिक है। हालांकि, इसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) लगभग ₹4,750 करोड़ है, जो इन बड़ी कंपनियों से काफी कम है।
रियल एस्टेट सेक्टर में भी मिले-जुले संकेत हैं। Q1 2026 में संस्थागत निवेश 74% बढ़कर $1.4 बिलियन रहा, लेकिन पिछले क्वार्टर की तुलना में 62% की गिरावट आई, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के प्रति सावधानी दिखाती है। वहीं, प्रमुख शहरों में आवासीय बिक्री में 13% की गिरावट देखी गई।
अंदरूनी जोखिम और ब्रोकरेज की राय
Q3 FY26 में कंपनी के नेट प्रॉफिट में 83% की भारी गिरावट और घटते रेवेन्यू जैसे आंकड़े, सकारात्मक ग्रोथ की कहानी के विपरीत दिखाई देते हैं। टेक्निकल चार्ट्स पर शेयर लगातार गिरते हुए ट्रेंड में है, जिसके कारण MarketsMOJO ने इसे 'Strong Sell' की रेटिंग दी है।
हालांकि, कई एनालिस्ट्स ने इसे 'Strong Buy' रेटिंग और ₹777 का टारगेट प्राइस दिया है, लेकिन शेयर का हालिया प्रदर्शन और MarketsMOJO की 'Strong Sell' रेटिंग निवेशकों को futuro की ग्रोथ को लेकर सतर्क कर रही है।