रियल एस्टेट डेवलपर Keystone Realtors के लिए पहली तिमाही (Q1 FY27) का प्रदर्शन उम्मीदों से कमजोर रहा। नए प्रोजेक्ट लॉन्च न होने के चलते कंपनी की प्री-सेल्स (pre-sales) में **42%** की भारी गिरावट आई है, जो घटकर **₹617 करोड़** रह गई। हालांकि, कंपनी के कलेक्शंस (collections) में **4%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नए लॉन्च की कमी से प्री-सेल्स पर असर
Keystone Realtors, जो Rustomjee ब्रांड के तहत काम करती है, ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही में प्री-सेल्स में बड़ी गिरावट दर्ज की है। पिछले साल इसी अवधि में ₹1,068 करोड़ की प्री-सेल्स की तुलना में इस बार यह आंकड़ा ₹617 करोड़ पर आ गया, जो 42% कम है। इस गिरावट का मुख्य कारण कंपनी द्वारा इस तिमाही में नए प्रोजेक्ट लॉन्च को रोके रखना था। कंपनी की बिक्री मुख्य रूप से मौजूदा प्रोजेक्ट्स के स्टॉक पर निर्भर रही।
कलेक्शंस में मजबूती, प्रोजेक्ट कंप्लीशन
बिक्री में कमी के बावजूद, कंपनी का कैश फ्लो (cash flow) स्थिर बना रहा। कंपनी के कलेक्शंस सालाना आधार पर 4% बढ़कर ₹599 करोड़ हो गए, जबकि पिछले साल की पहली तिमाही में यह ₹575 करोड़ थे। यह दर्शाता है कि कंपनी को पहले बेची गई यूनिट्स से भुगतान मिल रहा है। इसी अवधि में, कंपनी ने जुहू में Rustomjee Ashiana प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिससे 70,000 वर्ग फुट का कंस्ट्रक्शन एरिया डिलीवर हुआ।
भविष्य के लिए नए प्रोजेक्ट्स की तैयारी
बिक्री का वॉल्यूम (area) पिछले साल की समान तिमाही के 6.3 लाख वर्ग फुट से घटकर 3.2 लाख वर्ग फुट हो गया। हालांकि, कंपनी ने भविष्य के विकास के लिए अपने पाइपलाइन को मजबूत किया है। Keystone Realtors ने दो नए प्रोजेक्ट हासिल किए हैं: गोरेगांव ईस्ट में Utkarsh CHSL का रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट और इगतपुरी में एक प्लॉटेड डेवलपमेंट। इन नए प्रोजेक्ट्स में कुल 19.8 लाख वर्ग फुट का सेलेबल एरिया (saleable area) शामिल है, जिनकी अनुमानित ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (gross development value) ₹713 करोड़ है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, बोमन ईरानी ने कहा कि कंपनी के पास मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में आगामी लॉन्च के लिए कई प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। निवेशकों की नजर अब इन नई परियोजनाओं के समय पर निष्पादन (execution) पर रहेगी, ताकि कंपनी पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने प्री-सेल्स लक्ष्य को हासिल कर सके। रियल एस्टेट सेक्टर में प्रोजेक्ट लॉन्च और अप्रूवल के समय के कारण तिमाही बिक्री के आंकड़ों में उतार-चढ़ाव आम बात है।
