Keystone Realtors: नए प्रोजेक्ट लॉन्च न होने से बिक्री में 42% की गिरावट, ₹617 करोड़ पर पहुंचा प्री-सेल्स

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Keystone Realtors: नए प्रोजेक्ट लॉन्च न होने से बिक्री में 42% की गिरावट, ₹617 करोड़ पर पहुंचा प्री-सेल्स

Keystone Realtors ने जून तिमाही में 42% की गिरावट के साथ ₹617 करोड़ का प्री-सेल्स दर्ज किया है। इसका मुख्य कारण नए प्रोजेक्ट्स का लॉन्च न होना रहा। हालांकि, कैश कलेक्शन में 4% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹599 करोड़ रहा। कंपनी अपने मुंबई प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रही है।

नए प्रोजेक्ट्स के बिना बिक्री पर असर

Keystone Realtors, जो Rustomjee ब्रांड के तहत रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स बनाती है, के लिए FY27 की शुरुआत चुनौतीपूर्ण रही। जून तिमाही में कंपनी की प्री-सेल्स (Pre-sales) में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 42% की भारी गिरावट आई और यह ₹1,068 करोड़ से घटकर ₹617 करोड़ रह गई। कंपनी ने इस गिरावट का मुख्य कारण नए प्रोजेक्ट्स का लॉन्च कैलेंडर खाली रहना बताया है, यानी इस तीन महीने की अवधि में कोई भी बड़ा नया प्रोजेक्ट लॉन्च नहीं किया गया।

बिक्री की मात्रा में भी भारी कमी

बिक्री मूल्य में गिरावट के अलावा, कंपनी द्वारा बेची गई कुल जगह में भी काफी कमी आई। Keystone Realtors ने तिमाही के दौरान 0.32 मिलियन वर्ग फुट (Million Square Feet) जगह बेची, जो पिछले साल की तुलना में 49% कम है। यह दिखाता है कि रियल एस्टेट कंपनियों के तिमाही प्रदर्शन के लिए नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च करना कितना महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे बुकिंग की रफ्तार बनाए रखने के लिए अक्सर नई इन्वेंट्री पर निर्भर रहते हैं।

कैश फ्लो और नए प्रोजेक्ट्स

हालांकि नई बुकिंग धीमी रही, लेकिन कंपनी का कैश कलेक्शन (Cash Collection) स्थिर बना रहा। कलेक्शन में 4% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹599 करोड़ पर पहुंच गया, जो डेवलपर की लिक्विडिटी (Liquidity) के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह पैसा पहले बेची गई यूनिट्स से भुगतान और मौजूदा प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो की लगातार मांग से आया। रियल एस्टेट कंपनियों के लिए कैश फ्लो को स्थिर बनाए रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे कर्ज का प्रबंधन करने और नए कर्ज पर अधिक निर्भर हुए बिना चल रहे निर्माण के लिए फंड करने में मदद मिलती है।

भविष्य के विकास को गति देने के लिए, कंपनी ने तिमाही के दौरान अपने पोर्टफोलियो में दो प्रोजेक्ट्स जोड़े हैं। इनमें गोरेगांव ईस्ट में एक रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट, उत्कर्ष CHSL, और इगतपुरी में एक प्लॉटेड डेवलपमेंट शामिल है। ये प्रोजेक्ट्स कुल 1.98 मिलियन वर्ग फुट (Million Square Feet) की बिक्री योग्य क्षेत्र (Saleable Area) और अनुमानित ₹713 करोड़ के ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (Gross Development Value) के हैं। इसके अतिरिक्त, फर्म ने जुहू में Rustomjee Ashiana प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा किया है।

निवेशकों के लिए मुख्य बिंदु

निवेशकों के लिए, तत्काल ध्यान मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में लॉन्च को बढ़ाने की कंपनी की क्षमता पर रहेगा। प्रबंधन ने आगामी प्रोजेक्ट्स के मजबूत पाइपलाइन का हवाला देते हुए, अपनी वार्षिक प्री-सेल्स गाइडेंस (Annual Pre-sales Guidance) को पूरा करने में विश्वास जताया है। इन नियोजित लॉन्चों की सफलता, साथ ही स्वस्थ कैश कलेक्शन बनाए रखने की कंपनी की क्षमता, आने वाली तिमाहियों में ट्रैक करने के लिए मुख्य संकेतक होंगे। निवेशक यह भी निगरानी कर सकते हैं कि ये नए प्रोजेक्ट कंपनी के कर्ज स्तर और प्रतिस्पर्धी MMR रियल एस्टेट बाजार में उसके व्यापक एग्जीक्यूशन टाइमलाइन को कैसे प्रभावित करते हैं।

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