रियल एस्टेट सेक्टर में Keystone की मजबूत पकड़!
Keystone Realtors Limited ने Q3 FY26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे साल (YTD) के लिए ₹2,676 करोड़ की प्री-सेल्स हासिल की है। यह पिछले साल के मुकाबले 23% की जोरदार बढ़ोतरी को दर्शाता है। इस दौरान कंपनी ने 5 नए प्रोजेक्ट लॉन्च किए, जिनकी ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) ₹5,835 करोड़ रही, जो कि सालाना लक्ष्य का 83% है।
कंपनी का बिजनेस डेवलपमेंट मॉडल भी खूब फला-फूला है। इस साल 4 नए प्रोजेक्ट्स जोड़े गए हैं, जिनकी अनुमानित GDV ₹8,650 करोड़ है। यह कंपनी की उम्मीदों से 1.44 गुना ज्यादा है, और ये प्रोजेक्ट मुख्य रूप से मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में रीडेवलपमेंट (पुनर्विकास) पर केंद्रित हैं।
Q3 FY26 के लिए कंपनी का रेवेन्यू ₹266 करोड़ रहा, जिससे YTD FY26 का कुल रेवेन्यू ₹1,039 करोड़ हो गया। सबसे अहम बात यह है कि ग्रॉस मार्जिन YTD FY26 में बढ़कर 35% हो गया है, जो YTD FY25 के 32% से 300 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी है।
वित्तीय मोर्चे पर, 31 दिसंबर, 2025 तक Keystone Realtors मजबूत स्थिति में है। कंपनी पर कुल ₹625 करोड़ का ग्रॉस डेट है, जिससे डेट-टू-इक्विटी (D/E) रेशियो महज 0.22:1 पर बना हुआ है। कंपनी के पास ₹717 करोड़ का फ्री कैश है, जिससे यह नेट कैश पॉजिटिव बनी हुई है। YTD FY26 के लिए ऑपरेटिंग कैश फ्लो (OCF) ₹229 करोड़ रहा। हालांकि, नए प्रोजेक्ट्स में तेजी के चलते कंस्ट्रक्शन स्पेंड में 18% की बढ़ोतरी होकर ₹718 करोड़ हो गया। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि FY27 की दूसरी छमाही से OCF में और तेजी आएगी।
भविष्य की रणनीति और विस्तार
Keystone Realtors अब बड़े और ज़्यादा मुनाफे वाले प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है, खासकर क्लस्टर रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर। कंपनी कमर्शियल रियल एस्टेट में भी ज़ोरदार एंट्री कर रही है। बांद्रा में '33fifteen' प्रोजेक्ट (GDV करीब ₹950 करोड़) लॉन्च हो चुका है और प्रभादेवी में ₹1,150 करोड़ GDV का एक और बड़ा प्रोजेक्ट FY27 की पहली छमाही में आने की योजना है। वहीं, ठाणे के कमर्शियल प्रोजेक्ट पर काम FY27 में शुरू होगा।
FY23 से अब तक, Keystone ने ₹26,400 करोड़ GDV के 26 प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन तैयार की है, जिनमें से 22 रीडेवलपमेंट कैटेगरी के हैं और प्रीमियम इलाकों में हैं। कंपनी ने यह भी बताया कि FY26 में उनका मार्केट शेयर लगभग दोगुना हो गया है। इन सब उपलब्धियों को देखते हुए, इंडिया रेटिंग्स ने A+ पॉजिटिव आउटलुक और ICRA ने A+ स्टेबल रेटिंग दी है।
आउटलुक और संभावित जोखिम
कंपनी मैनेजमेंट का मानना है कि रियल एस्टेट सेक्टर में आ रहे उछाल का फायदा उठाने के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं। अनुकूल बाज़ार की स्थिति, स्पष्ट विज़न, बेहतरीन एग्जीक्यूशन क्षमता और अनुशासित वित्तीय प्रबंधन उन्हें आगे ले जाएगा। FY27 के लिए 25% YoY की प्री-सेल्स ग्रोथ का अनुमान लगाया जा रहा है। निवेशकों की नज़रें FY27 की दूसरी छमाही से OCF में आने वाली तेजी और कमर्शियल व रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के सफल एग्जीक्यूशन पर रहेंगी।