Kautilya Finance ने दिल्ली-NCR के रियल एस्टेट डेवलपर Dasnac Group से अपनी पूरी इन्वेस्टमेंट वापस निकाल ली है। कंपनी ने ₹420 करोड़ के शुरुआती निवेश के बदले कुल ₹550 करोड़ की रिकवरी की है।
सात साल का सफर और सफल एग्जिट
Kautilya Finance (जिसे Aevitas Property Partners मैनेज करती है) ने Dasnac Group के साथ अपने मल्टी-ईयर फंडिंग अरेंजमेंट को सफलतापूर्वक समाप्त कर लिया है। इस एग्जिट के जरिए फर्म ने कुल ₹550 करोड़ की राशि वसूल की है। बता दें कि 2017 से 2024 के बीच कंपनी ने ₹420 करोड़ का फंड डिप्लॉय किया था, जिसमें अब ब्याज भी शामिल है। यह ट्रांजैक्शन नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) के रियल एस्टेट मार्केट में प्राइवेट क्रेडिट के लिए एक बड़ा लिक्विडिटी इवेंट माना जा रहा है।
कहाँ हुआ था निवेश?
यह फंडिंग मुख्य रूप से नोएडा के प्रोजेक्ट्स जैसे 'The Jewel of Noida', 'Burj Noida' और 'Westminster' के लिए दी गई थी। इसके लिए E-Homes Infrastructure Private Limited (जो Dasnac की एक स्पेशल-पर्पज व्हीकल है) ने नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी किए थे। यह निवेश Alternative Investment Fund (AIF) और Foreign Portfolio Investor (FPI) रूट के जरिए किया गया था, ताकि पारंपरिक बैंक लोन की कमी को पूरा किया जा सके।
भविष्य की राह और प्रोजेक्ट्स
Dasnac Group के पास वर्तमान में 20 लाख स्क्वायर फीट से ज्यादा का डेवलपमेंट पाइपलाइन मौजूद है, जिसमें रेजिडेंशियल, रिटेल और ऑफिस स्पेस शामिल हैं। कंपनी को इन प्रोजेक्ट्स से ₹4,000 करोड़ तक का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। अब जबकि यह कर्ज चुका दिया गया है, कंपनी की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ने की संभावना है। हालांकि, बाजार में ब्याज दरों और कंस्ट्रक्शन लागत का दबाव अभी भी बना हुआ है, इसलिए निवेशकों की नजरें अब कंपनी के प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और सेल्स वेलोसिटी पर टिकी रहेंगी।
