| कर्नाटक का बड़ा दांव! अब बेंगलुरु में और ऊंची बनेंगी बिल्डिंगें, रियल एस्टेट सेक्टर में आएगा बूम

REAL-ESTATE
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
| कर्नाटक का बड़ा दांव! अब बेंगलुरु में और ऊंची बनेंगी बिल्डिंगें, रियल एस्टेट सेक्टर में आएगा बूम
Overview

| कर्नाटक सरकार ने राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में ज़मीन के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। अब इन इलाकों में पहले से कहीं ज़्यादा ऊंची इमारतें बनाना मुमकिन होगा, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी मजबूती मिलने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

नियमों में बड़ी छूट, जमीन का बेहतर इस्तेमाल

कर्नाटक सरकार ने राज्य के औद्योगिक भूखंडों (industrial plots) पर निर्माण नियमों में बड़ी राहत दी है। कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड (KIADB) के तहत आने वाले इन इलाकों में अब फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को 5.2 तक बढ़ाया गया है, जिसे प्रीमियम देकर खरीदा जा सकता है। यह पहले की सीमाओं से काफी ज़्यादा है और इसका मकसद ज़मीन की किल्लत को दूर करते हुए वर्टिकल डेवलपमेंट (vertical development) को बढ़ावा देना है। माना जा रहा है कि इससे उद्योगों, कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स का विस्तार होगा, जिससे बिज़नेस की लागत कम होगी और प्रोडक्शन डेंसिटी (production density) बढ़ेगी।

क्या हैं बदले हुए FAR नियम?

राज्य सरकार ने 6 फरवरी को नए नियमों की नोटिफिकेशन जारी की है। इसके अनुसार, अब 30 मीटर से चौड़ी सड़कों पर बने औद्योगिक प्लॉट पर अधिकतम 5.2 FAR मिलेगा, जबकि पहले यह सीमा 3.25 थी। 24-30 मीटर चौड़ी सड़कों पर 4.8 FAR, 18-24 मीटर सड़कों पर 4.0 FAR और 12-18 मीटर की सड़कों पर 3.6 FAR मिलेगा। 12 मीटर से छोटी सड़कों पर भी 2.45 से 2.8 तक FAR की सुविधा मिलेगी, जिससे निर्माण योग्य क्षेत्र में सुधार आएगा।

इंटीग्रेटेड टाउनशिप और मिक्स-यूज डेवलपमेंट को बढ़ावा

इस पॉलिसी में इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप (integrated industrial townships) के लिए डेवलपमेंट की इंटेंसिटी (development intensity) भी बढ़ाई गई है। 30 मीटर से चौड़ी सड़कों पर बने प्रोजेक्ट्स में अब 45% ग्राउंड कवरेज और कुल 5.2 FAR मिलेगा। यह बड़े पैमाने पर मिक्स-यूज (mixed-use) इकोसिस्टम बनाने में मदद करेगा, जहाँ मैन्युफैक्चरिंग, कमर्शियल सपोर्ट और कर्मचारियों के रहने की जगहें एक ही कैंपस में मिल सकेंगी। इंडस्ट्री के लोगों को उम्मीद है कि इससे वर्टिकल फैक्ट्री मॉडल (vertical factory models) और मल्टी-लेवल वेयरहाउसिंग (multi-level warehousing) को बढ़ावा मिलेगा।

बेंगलुरु के बाहर भी होगा विकास

सरकार ने बेंगलुरु के बाहर औद्योगिक विस्तार को प्रोत्साहित करने के लिए भी खास इंसेटिव्स (incentives) दिए हैं। इन इलाकों में इंडस्ट्रीज को बढ़ी हुई FAR की सुविधा और कम ज़मीन लागत का फायदा मिलेगा। इसे कर्नाटक में क्षेत्रीय औद्योगिक विकास (regional industrial growth) को संतुलित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे राजधानी क्षेत्र पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है।

पार्किंग और सेट-बैक में भी ढील

डेवलपमेंट को और आसान बनाने के लिए, छोटे औद्योगिक प्लॉट के लिए सेट-बैक नॉर्म्स (setback norms) में भी ढील दी गई है। 7 मीटर ऊंचाई तक की बिल्डिंगों के लिए, 255 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर, अगर सड़क पर्याप्त चौड़ी हो, तो न्यूनतम फ्रंट और साइड सेट-बैक की ज़रूरत होगी। पार्किंग नियमों में भी बदलाव किया गया है। जनरल इंडस्ट्रीज और डेटा सेंटरों को कुल प्लॉट एरिया का कम से कम 2% पार्किंग के लिए देना होगा, जबकि वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के लिए यह 3% होगा।

आर्थिक असर

रियल एस्टेट कंसल्टेंट्स (real estate consultants) का अनुमान है कि पुरानी पॉलिसी की वजह से लगभग आधे औद्योगिक प्लॉट का सही इस्तेमाल नहीं हो रहा था। नए FAR नियमों से बड़ी क्षमता का निर्माण हो सकेगा, जिससे डेवलपर्स और ग्राहकों दोनों के लिए रिटर्न (returns) में सुधार होगा। CBRE India के मुताबिक, यह बदलाव कर्नाटक को हाई-डेंसिटी इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम (high-density industrial ecosystems) के लिए एक कॉम्पिटिटिव डेस्टिनेशन (competitive destination) के तौर पर स्थापित करेगा। जानकारों का मानना है कि इसका असर कमर्शियल ऑफिस स्पेस, रिटेल और रेजिडेंशियल डिमांड पर भी दिखेगा, खासकर नए मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स (manufacturing clusters) के आसपास।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.