📉 नतीजों का बड़ा ब्रेकडाउन
Kalpataru Limited के Q3 FY2026 के नतीजे बाजार के लिए निराशाजनक रहे। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 14% गिरकर ₹505 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले साल यह ₹588 करोड़ था। पिछले नौ महीनों (9M FY2026) में रेवेन्यू मामूली 7% बढ़कर ₹1742 करोड़ रहा।
प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) पर भी बड़ा झटका लगा है। Q3 FY2026 में एडजस्टेड EBITDA (Adjusted EBITDA) 42% घटकर ₹119 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹205 करोड़ था। मार्जिन घटकर 23.6% रह गया। 9M FY2026 में EBITDA ₹413 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹518 करोड़ था, और मार्जिन 23.7% रहा।
इन सब का नतीजा यह हुआ कि कंपनी को इस तिमाही में ₹67 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) हुआ। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों में कुल नेट लॉस ₹114 करोड़ रहा।
❓ क्यों आई गिरावट?
कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि कई बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल (Regulatory Approvals) में देरी होने की वजह से प्री-सेल्स (Pre-sales) पर असर पड़ा है। इसी वजह से, कंपनी ने अपने FY2026 के प्री-सेल्स के अनुमान को 20-22% तक कम कर दिया है। कलेक्शन (Collections) भी करीब 10% कम रहने का अनुमान है।
चिंता की बात यह है कि फाइनेंशियल ईयर 2026 के अंत तक कंपनी का नेट डेट (Net Debt) बढ़कर करीब ₹8,000 करोड़ तक पहुंचने की आशंका है, जो पहले ₹7,300 करोड़ के अनुमान से ज्यादा है। 9M FY2026 में कंपनी पर ₹900 करोड़ का इंटरेस्ट (Interest) भी लगा है।
🚀 आगे क्या है उम्मीद?
इन मुश्किलों के बावजूद, Kalpataru भविष्य के लिए एक मजबूत रणनीति बना रही है। कंपनी अब कैपिटल-लाइट मॉडल्स जैसे ज्वाइंट वेंचर्स (Joint Ventures - JV), ज्वाइंट डेवलपमेंट्स (Joint Developments - JD) और री-डेवलपमेंट (Redevelopment) पर फोकस कर रही है, खासकर MMR और पुणे जैसे डिमांड वाले इलाकों में।
कंपनी के पास 41 मिलियन स्क्वायर फीट का एक मजबूत पाइपलाइन (Pipeline) है, जिसकी वैल्यू ₹52,000 करोड़ है। FY2027 और FY2028 में करीब 9 मिलियन स्क्वायर फीट के नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की योजना है। साथ ही, FY2027 और FY2028 में बड़े प्रोजेक्ट्स की कंप्लीशन (Completion) से कंपनी की कमाई बढ़ने और कर्ज़ के स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। मैनेजमेंट का पूरा ध्यान रेजिडेंशियल डेवलपमेंट पर है।