NCLT ने Delisting को दी मंजूरी, शेयरधारकों को बड़ा झटका
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 17 मार्च, 2026 को Jaiprakash Associates Limited (JAL) के लिए एक महत्वपूर्ण रेगुलेशन प्लान को मंजूरी दे दी है। यह प्लान 14 अक्टूबर, 2025 को पेश किया गया था। इस मंजूरी का सबसे बड़ा नतीजा यह है कि कंपनी की मौजूदा सिक्योरिटीज को सभी स्टॉक एक्सचेंजों से अनिवार्य रूप से Delist कर दिया जाएगा।
**क्यों नहीं मिलेगा शेयरधारकों को पैसा?
रेगुलेशन प्लान के लागू होने के साथ ही, सभी मौजूदा शेयरधारकों को उनके शेयरों के बदले शून्य कीमत (zero consideration) मिलेगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि रेगुलेशन एप्लीकेंट ने यह पाया कि कंपनी की लिक्विडेशन वैल्यू इतनी कम है कि वह सुरक्षित लेनदारों (secured creditors) का कर्ज भी पूरा नहीं चुका सकती। ऐसे में इक्विटी होल्डर्स के लिए कुछ भी बचना संभव नहीं है।
**वित्तीय संकट और कानूनी प्रक्रिया
जेपी ग्रुप (Jaypee Group) का हिस्सा Jaiprakash Associates Limited लंबे समय से भारी वित्तीय संकट और ₹57,190 करोड़ से अधिक के कर्ज के तले दबी हुई थी। कंपनी की कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) 3 जून, 2024 को शुरू हुई थी, जब ICICI बैंक ने लोन डिफॉल्ट्स को लेकर अर्जी दी थी। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने 6 दिसंबर, 2024 को NCLT के एडमिशन ऑर्डर को बरकरार रखते हुए JAL की अपील खारिज कर दी थी। कंपनी पर लोन डिफॉल्ट का इतिहास रहा है, जिसमें अक्टूबर 2023 में ₹4,258 करोड़ का डिफॉल्ट भी शामिल था। कर्ज का बोझ कम करने के लिए कंपनी ने अपने सीमेंट बिजनेस जैसे कई एसेट्स बेचे भी हैं। JAL की सहायक कंपनी Jaypee Infratech Ltd (JIL) भी इसी तरह की इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया से गुजर रही है, जिसे जून 2024 में Suraksha Group ने अपने हाथ में लिया था। समूह पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच का शिकंजा भी कसता रहा है।
**अब क्या बदलेगा?
- कंपनी के मौजूदा इक्विटी और प्रेफरेंस शेयर रद्द और समाप्त कर दिए जाएंगे।
- Jaiprakash Associates Limited की सभी सिक्योरिटीज को BSE और NSE जैसे स्टॉक एक्सचेंजों से Delist कर दिया जाएगा।
- रेगुलेशन प्लान को लागू करने के साथ ही, बिजनेस की नई ओनरशिप और ऑपरेशनल स्ट्रक्चर तय होगा।
**शेयरधारकों का भविष्य?
शेयरधारकों के लिए अपने निवेश से कोई भी राशि वसूलने का कोई रास्ता नहीं बचा है, क्योंकि रेगुलेशन प्लान शून्य कीमत की ही पेशकश करता है। अंतिम परिणाम NCLT के विस्तृत लिखित आदेश के जारी होने पर निर्भर करेगा।
**हालिया वित्तीय स्थिति
दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में, Jaiprakash Associates Limited ने ₹724.76 करोड़ के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पर ₹305.33 करोड़ का भारी नेट लॉस दर्ज किया था।
**आगे क्या देखें?
- NCLT से रेगुलेशन प्लान के नियमों को औपचारिक बनाने वाले विस्तृत लिखित आदेश का इंतजार।
- स्टॉक एक्सचेंजों से Jaiprakash Associates Limited की सिक्योरिटीज को आधिकारिक तौर पर Delist करने की प्रक्रिया और समय-सीमा।
- लागू किए जा रहे प्लान के संबंध में कंपनी या NCLT द्वारा दी जाने वाली कोई भी नई जानकारी।
