भारत के फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटरों ने Q1 FY27 में शानदार प्रदर्शन किया है। इन कंपनियों का कुल रेवेन्यू **₹2,250 करोड़** के पार पहुंच गया है, जो बड़े कॉर्पोरेट्स और GCCs की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
मुनाफे की ओर बढ़ता कदम
भारतीय फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सेक्टर ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की शुरुआत मजबूती के साथ की है। पांच बड़ी कंपनियों ने मिलकर ₹2,250 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू हासिल किया है। इस बार कंपनियां सिर्फ टॉप-लाइन ग्रोथ ही नहीं, बल्कि प्रॉफिटेबिलिटी पर भी ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
कंपनियों का प्रदर्शन (Key Players Report Card)
इस तिमाही में Smartworks ने एक बड़ा माइलस्टोन हासिल करते हुए ₹13.1 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि उनका रेवेन्यू ₹546.2 करोड़ रहा। वहीं, Awfis ने ₹425 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹24 करोड़ का मुनाफा कमाया है।
अन्य प्रमुख खिलाड़ियों ने भी घाटे को कम करने में सफलता पाई है:
- WeWork India: रेवेन्यू ₹698 करोड़ (साल-दर-साल 28.5% की बढ़त) और घाटा घटकर ₹4.06 करोड़ रह गया है।
- IndiQube: रेवेन्यू ₹428 करोड़, और नेट लॉस घटकर ₹23.88 करोड़ पर आ गया है।
मांग की बड़ी वजह: GCCs
अब ऑफिस स्पेस की मांग शॉर्ट-टर्म रेंटल से हटकर लंबे समय के कॉर्पोरेट कॉन्ट्रैक्ट्स पर शिफ्ट हो रही है। खासकर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की बड़ी भागीदारी है, जो 2026 की पहली छमाही में भारत के सात प्रमुख शहरों में कुल ऑफिस लीजिंग का लगभग 45% हिस्सा रहे हैं।
रिस्क और चुनौतियां
बिजनेस मॉडल 'एसेट-हेवी' होने के कारण इन कंपनियों पर कैपिटल एक्सपेंडिचर और ब्याज दरों का दबाव बना रहता है। निवेशकों के लिए यह देखना जरूरी है कि कंपनियां बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कैसे अपना मार्जिन मेंटेन करती हैं और कर्ज का प्रबंधन कैसे करती हैं।
