Branded Luxury Homes: भारत में लग्जरी घरों का बढ़ता क्रेज, **45** प्रोजेक्ट्स के साथ बाजार में बहार

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AuthorMehul Desai|Published at:
Branded Luxury Homes: भारत में लग्जरी घरों का बढ़ता क्रेज, **45** प्रोजेक्ट्स के साथ बाजार में बहार

भारत में ब्रांडेड रेजिडेंसेज का मार्केट तेजी से फैल रहा है, जो अब **18** शहरों में **45** प्रोजेक्ट्स तक पहुंच गया है। इन घरों की कीमत आम लग्जरी प्रॉपर्टीज के मुकाबले **25%** से **40%** ज्यादा है, लेकिन निवेशकों को इसमें निवेश से पहले मेंटेनेंस लागत और लिक्विडिटी जैसे जोखिमों को जरूर समझ लेना चाहिए।

भारत में ब्रांडेड रेजिडेंशियल सेक्टर अब एक छोटे सेगमेंट से निकलकर एक बड़े 'इंस्टीट्यूशनल एसेट क्लास' के रूप में उभर रहा है। ये प्रॉपर्टीज अंतरराष्ट्रीय हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स के साथ मिलकर होटल जैसी सुविधाएं और सर्विस प्रदान करती हैं, जो इन्हें सामान्य लग्जरी हाउसिंग से अलग बनाती हैं।

क्यों है इन घरों की इतनी मांग?

इन घरों की कीमतों में 25% से 40% का प्रीमियम इसलिए है क्योंकि खरीदारों को ब्रांड नाम और क्वालिटी सर्विस का भरोसा मिलता है। निवेशकों के लिए यहाँ रेंटल यील्ड और लंबे समय में एसेट की वैल्यू बढ़ने की संभावना तो है, लेकिन ध्यान रहे कि यहाँ मेंटेनेंस और मैनेजमेंट फीस भी काफी ज्यादा होती है।

संस्थागत निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी

देश के कुल ब्रांडेड प्रोजेक्ट्स में से 50% से ज्यादा सिर्फ दिल्ली-NCR और मुंबई में केंद्रित हैं। अब HDFC Bank, ICICI Prudential और Motilal Oswal Alternates जैसे बड़े नाम भी इस सेक्टर में फाइनेंसिंग मॉडल पर चर्चा कर रहे हैं। वे अब 'सेल-एंड-लीजबैक' (sale-and-leaseback) जैसे मॉडल्स पर ध्यान दे रहे हैं, जो शॉर्ट-टर्म मुनाफे के बजाय लंबी अवधि के स्थिर रिटर्न को प्राथमिकता देते हैं।

निवेशकों के लिए चेतावनी (Risk Factors)

इन संपत्तियों में निवेश करते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखना जरूरी है:

  • मेंटेनेंस का दबाव: ब्रांड वैल्यू बनाए रखने के लिए हाई-लेवल मेंटेनेंस जरूरी है, जिसमें कमी आने पर रीसेल वैल्यू गिर सकती है।
  • लिक्विडिटी: लग्जरी सेगमेंट होने के कारण खरीदारों का पूल छोटा होता है, जिससे जरूरत पड़ने पर इन्हें बेचना सामान्य घरों के मुकाबले मुश्किल हो सकता है।
  • रेगुलेटरी चेक: RERA नियमों का पालन और प्रोजेक्ट समय पर पूरा होना, ये दो बड़े पैरामीटर्स हैं जिन पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।

आने वाले समय में, अक्टूबर 2026 में होने वाली 'ब्रांडेड रेजिडेंसेज समिट' में इस बात पर मंथन होगा कि कैसे डील आर्किटेक्चर को स्टैंडर्डाइज किया जाए ताकि ये प्रॉपर्टीज हैंडओवर के बाद भी अपनी वैल्यू बरकरार रख सकें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.