Indian Real Estate: Q2 2026 में ₹1.9 अरब का निवेश, ऑफिस स्पेस और डेटा सेंटर की धूम

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indian Real Estate: Q2 2026 में ₹1.9 अरब का निवेश, ऑफिस स्पेस और डेटा सेंटर की धूम

साल 2026 की दूसरी तिमाही में भारतीय रियल एस्टेट में इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टमेंट **16%** बढ़कर **$1.9 अरब** हो गया है। घरेलू कैपिटल और ऑफिस स्पेस व डेटा सेंटर की मजबूत मांग ने इस ग्रोथ को लीड किया है, जो पिछले साल की तुलना में गिरावट के बावजूद मजबूती का संकेत देता है।

Detailed Coverage

रियल एस्टेट में बंपर निवेश, पर क्यों?

साल 2026 की दूसरी तिमाही में भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में इंस्टीट्यूशनल कैपिटल $1.9 अरब तक पहुंच गया। यह पिछली तिमाही यानी Q1 2026 के मुकाबले 16% की ग्रोथ दिखाता है। हालांकि, 2025 की इसी अवधि की तुलना में यह 7% कम है। लेकिन, 2026 के पहले छह महीनों का कुल निवेश $3.5 अरब रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से 6% ज्यादा है।

ऑफिस स्पेस और डेटा सेंटर बने निवेशकों की पहली पसंद

ऑफिस सेक्टर इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए सबसे पसंदीदा प्रॉपर्टी रही। इसमें तिमाही के कुल निवेश का करीब $1 अरब यानी 51% हिस्सा आया। लगातार चौथी तिमाही है जब ऑफिस एसेट्स ने निवेश चार्ट में टॉप किया है। इसकी वजह ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) से लगातार लीजिंग एक्टिविटी, प्राइम बिजनेस डिस्ट्रिक्ट्स में बढ़ते रेंट रेट्स और प्रमुख मेट्रो शहरों में कम वेकेंसी रेट्स हैं।

इसके बाद डेटा सेंटर दूसरी सबसे बड़ी एसेट क्लास बनकर उभरी, जिसने तिमाही के कुल इंस्टीट्यूशनल कैपिटल का 40% हिस्सा अपनी ओर खींचा। यह बड़ा बदलाव देश की बढ़ती डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतें, क्लाउड सर्विसेज का विस्तार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एप्लीकेशंस को सपोर्ट करने के लिए कंप्यूटिंग पावर की बढ़ती मांग से जुड़ा है।

घरेलू निवेशकों का बढ़ा दबदबा

निवेश के परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव यह आया है कि घरेलू इंस्टीट्यूशनल कैपिटल का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। Q2 2026 में, कुल निवेशित फंड में घरेलू निवेशकों का योगदान 54% रहा। यह लगातार चौथी तिमाही है जब लोकल पार्टिसिपेशन फॉरेन इन्वेस्टर्स से ज्यादा रहा है। 2026 के पहले हाफ में, कुल निवेश में घरेलू प्लेयर्स का हिस्सा $2.2 अरब रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 43% से बढ़कर 64% हो गया है।

जियोग्राफिकल नजरिए से देखें तो, इन्वेस्टर्स ने मल्टी-सिटी पोर्टफोलियो को 55% के साथ सबसे ज्यादा पसंद किया। व्यक्तिगत शहरों में, बेंगलुरु ने 23% के साथ सबसे ज्यादा हिस्सेदारी हासिल की, जबकि चेन्नई 17% के साथ दूसरे नंबर पर रहा। प्राइवेट इक्विटी (PE) कैपिटल का सबसे बड़ा स्रोत बनी रही, जिसने कुल वॉल्यूम का 85% प्रदान किया, जबकि रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) ने 15% का योगदान दिया।

हालांकि, निवेशक इस मांग की स्थिरता पर नजर रखेंगे, खासकर जब सेक्टर हाई लीजिंग एक्टिविटी को ग्लोबल इकोनॉमिक वोलैटिलिटी जैसे संभावित जोखिमों के साथ संतुलित कर रहा है, जो आने वाले महीनों में फॉरेन इन्वेस्टर्स की रुचि को प्रभावित कर सकता है। ऑफिस और डेटा सेंटर सेगमेंट की रेंटल यील्ड और ऑक्यूपेंसी रेट्स को बनाए रखने की क्षमता 2026 की दूसरी छमाही में इन एसेट्स के हेल्थ को ट्रैक करने के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.