देश के रईस अब शहर के बीचों-बीच रहने के बजाय सुगम यात्रा को तरजीह दे रहे हैं। लग्जरी रियल एस्टेट का पूरा फोकस अब इन्फ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी पर शिफ्ट हो गया है, जिसमें Green SM जैसी मोबिलिटी कंपनियां भी एंट्री कर रही हैं।
भारत के लग्जरी रियल एस्टेट मार्केट में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पहले सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) के करीब होना 'लग्जरी' की निशानी माना जाता था, वहीं अब रईस खरीदार ऐसे घरों को चुन रहे हैं जहां से ऑफिस का सफर आसान और तनावमुक्त हो।
कनेक्टिविटी ही अब नई लग्जरी
डेवलपर्स अब यह समझ रहे हैं कि प्रॉपर्टी की वैल्यू अब लोकेशन के बजाय 'कनेक्टिविटी इंडेक्स' से तय हो रही है। द्वारका एक्सप्रेसवे और बेंगलुरु के आउटर रिंग रोड जैसे इलाकों में डिमांड का बढ़ना इसका सीधा सबूत है। अब लोग घर के बड़े साइज के बजाय समय की बचत को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मोबिलिटी कंपनियों की एंट्री
इस नए इकोसिस्टम में अब सर्विस प्रोवाइडर्स भी कदम रख रहे हैं। Vingroup समर्थित 'Green SM' (Green and Smart Mobility) जैसी कंपनियां अब एक्सक्लूसिव इलेक्ट्रिक फ्लीट सर्विस दे रही हैं, ताकि एग्जीक्यूटिव्स का सफर प्रोडक्टिव बन सके। हाल ही में कंपनी ने ग्रेटर नोएडा के गोल्डन ग्रांडे हब में 1,050 पार्किंग बे का 5 साल का लीज एग्रीमेंट साइन किया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि Green SM इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एक प्राइवेट कंपनी है और यह NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है। साथ ही, यह पूरा मॉडल सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समय पर डिलीवरी पर टिका है। यदि मेट्रो या एक्सप्रेसवे के काम में देरी होती है, तो इन प्रॉपर्टीज की वैल्यूएशन पर सीधा असर पड़ सकता है।
