Indian Logistics: लॉजिस्टिक्स सेक्टर में रिकॉर्ड तेजी, रेंटल ग्रोथ ने APAC को भी पछाड़ा

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AuthorMehul Desai|Published at:
Indian Logistics: लॉजिस्टिक्स सेक्टर में रिकॉर्ड तेजी, रेंटल ग्रोथ ने APAC को भी पछाड़ा

भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर ने H1 2026 में **36.2 मिलियन वर्ग फुट** की लीजिंग के साथ एक नया रिकॉर्ड बनाया है। सालाना आधार पर यह **18%** की जबरदस्त बढ़ोतरी है, जो पूरे एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में सबसे बेहतर प्रदर्शनों में से एक है।

भारत का इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स रियल एस्टेट मार्केट इस समय तेजी के चरम पर है। पहली छमाही (H1 2026) में हुई 36.2 मिलियन वर्ग फुट की लीजिंग पिछले साल की तुलना में 18% ज्यादा है। जहां एशिया-पैसिफिक के अन्य देश धीमी रफ्तार से बढ़ रहे हैं, वहीं भारत घरेलू मांग और मैन्युफैक्चरिंग में बदलाव के चलते बाजी मार रहा है।

डिमांड के मुख्य केंद्र

इस ग्रोथ की कमान मुंबई, दिल्ली-NCR और बेंगलुरु जैसे प्रमुख इंडस्ट्रियल हब संभाल रहे हैं। बेंगलुरु में वेयरहाउस लीजिंग में साल-दर-साल 78% और मुंबई में 44% का उछाल देखा गया है। मुख्य रूप से 3PL (थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स) और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की भारी मांग के कारण वेयरहाउस की खपत बढ़ रही है। टॉप 8 लॉजिस्टिक्स हब में 34.9 मिलियन वर्ग फुट की ग्रेड-A वेयरहाउसिंग एब्जॉर्प्शन दर्ज की गई, जबकि नई सप्लाई सिर्फ 28.7 मिलियन वर्ग फुट ही थी। सप्लाई की कमी के कारण रेंटल वैल्यू में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

क्वालिटी की ओर बढ़ते कदम (Flight-to-Quality)

अब कंपनियां पुराने और बिखरे हुए वेयरहाउस छोड़कर आधुनिक और तकनीक से लैस गोदामों को प्राथमिकता दे रही हैं। जो डेवलपर्स ESG-कंप्लायंट और टेक-इनेबल्ड फैसिलिटी दे रहे हैं, वे पुराने गोदामों के मुकाबले 10% से 25% तक ज्यादा किराया वसूल रहे हैं। यह निवेशकों के लिए रेंटल यील्ड सुधारने का एक बड़ा मौका बन गया है।

रिस्क फैक्टर्स जिस पर रखें नजर

तेजी के बीच कुछ चुनौतियां भी हैं। जमीन अधिग्रहण की जटिलता और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में देरी सप्लाई को सीमित कर सकती है, जिससे किराए में अचानक भारी बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा, ईंधन और बिजली की बढ़ती लागत, और महंगाई का असर लॉजिस्टिक्स कंपनियों के मार्जिन पर पड़ सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे उन इलाकों पर नजर रखें जहां सप्लाई और डिमांड का संतुलन बिगड़ने का खतरा हो सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.