ANAROCK की एक नई सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, **65%** घर खरीदार बढ़ती कीमतों से चिंतित हैं, लेकिन फिर भी **44%** लोग घर खरीदने की योजना बना रहे हैं। बायर्स अब बड़े घरों और किफायती इलाकों की तरफ रुख कर रहे हैं।
बाजार का बदलता मिजाज
भारत के रेसिडेंशियल रियल एस्टेट मार्केट में खरीदारों का व्यवहार तेजी से बदल रहा है। ANAROCK द्वारा 8,320 लोगों पर किए गए H1 2026 के सर्वे से पता चलता है कि जहां 65% खरीदार कीमतों में बढ़ोतरी से डरे हुए हैं, वहीं 44% लोग अभी भी खरीदारी के फैसले पर कायम हैं। करीब 38% खरीदार बेहतर बाजार स्थितियों का इंतजार कर रहे हैं।
नई रणनीति: रेंट और पेरिफेरल एरिया
महंगाई के कारण बजट पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे 31% लोग फिलहाल रेंट (किराए) पर रहने को विकल्प मान रहे हैं। वहीं, 20% खरीदार अब शहर के बाहरी इलाकों (पेरिफेरल एरिया) की ओर देख रहे हैं ताकि कम दाम में बेहतर घर मिल सके। घर का मालिकाना हक पाने की इच्छा अभी भी मजबूती से बनी हुई है।
लग्जरी और बड़े घरों की मांग
आंकड़े बताते हैं कि अब 48% खरीदारों की पहली पसंद 3BHK घर हैं। ₹90 लाख से ₹1.5 करोड़ के बजट वाले घर सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं, जो कुल मांग का 34% हिस्सा हैं। इतना ही नहीं, 27% खरीदार अब ₹1.5 करोड़ से ज्यादा खर्च करने को भी तैयार हैं, जो बाजार में 'प्रीमियमइजेशन' के बढ़ते ट्रेंड को दिखाता है।
डेवलपर्स के लिए चुनौती
मौजूदा दौर में खरीदार रेडी-टू-मूव घरों के मुकाबले नए प्रोजेक्ट्स को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। एंड-यूजर, जो बाजार का 68% हिस्सा हैं, वे डेवलपर्स के ब्रांड और कंस्ट्रक्शन क्वालिटी पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं। हालांकि, कच्चे माल की महंगाई और ब्याज दरों के असर को देखते हुए डेवलपर्स को प्राइसिंग पर नियंत्रण रखना होगा।
आगे का रास्ता
इन्वेस्टर्स के लिए रियल एस्टेट सेक्टर में अब 'कंसोलिडेशन' का दौर है। बड़े डेवलपर्स का दबदबा बढ़ रहा है क्योंकि उनमें रिस्क कम दिखता है। अब मार्केट की दिशा Reserve Bank of India के ब्याज दरों पर लिए जाने वाले फैसलों पर निर्भर करेगी, जो सीधे आपके होम लोन EMI को प्रभावित करेंगे।
