भारतीय रियल एस्टेट मार्केट में एक बड़ा बदलाव दिख रहा है। हालिया सर्वे के मुताबिक, **48%** खरीदार अब 3 BHK फ्लैट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसमें **₹90 लाख से ₹1.5 करोड़** का बजट सेगमेंट सबसे ज्यादा एक्टिव है।
भारत में घरों की पसंद तेजी से बदल रही है। पहले जहां छोटे फ्लैट्स की मांग थी, वहीं अब लोग ज्यादा स्पेस (Space) की तलाश में हैं। सर्वे के अनुसार, 48% खरीदार 3 BHK को पहली पसंद मान रहे हैं, जबकि 38% लोग अभी भी 2 BHK में रुचि दिखा रहे हैं।
प्रमुख शहरों का हाल
यह ट्रेंड देशभर में अलग-अलग रफ्तार से बढ़ रहा है। अहमदाबाद में 57% खरीदार 3 BHK की तलाश में हैं, वहीं चेन्नई और दिल्ली-NCR में यह आंकड़ा 53% है। मुंबई जैसे महंगे मार्केट में भी 39% खरीदार अब बड़े अपार्टमेंट्स चुन रहे हैं। यह बदलाव डेवलपर्स के लिए रेवेन्यू बढ़ाने का बड़ा मौका है, खास तौर पर उस सेगमेंट में जहां कीमत ₹90 लाख से ₹1.5 करोड़ के बीच है। यह हिस्सा अभी मार्केट का 34% शेयर कवर करता है।
बढ़ते दाम और रिस्क
हालांकि, बढ़ती कीमतों ने खरीदारों की चिंता बढ़ा दी है। लगभग 65% खरीदार लगातार बढ़ रहे हाउसिंग कॉस्ट को लेकर चिंतित हैं। इसकी वजह से खरीदार अब शहरों के बाहरी इलाकों (Peripheral areas) की तरफ रुख कर रहे हैं। निवेशकों के लिए देखने वाली बात यह होगी कि क्या कंपनियां ऊंची कीमतों के बावजूद सेल्स वॉल्यूम बनाए रख पाएंगी।
भरोसे का फैक्टर
आज का खरीदार समझदार हो गया है। 34% लोग अब कीमत से ज्यादा डेवलपर के पुराने ट्रैक रिकॉर्ड और कंपनी की साख (Reputation) को महत्व दे रहे हैं। केवल 21% लोग ही डिस्काउंट या इंसेन्टिव से प्रभावित होते हैं। साथ ही, 77% खरीदार अब घर खरीदते समय रेंटल यील्ड और रिसेल वैल्यू जैसे लॉन्ग-टर्म फायदों पर ध्यान दे रहे हैं। आने वाले समय में वे डेवलपर्स ज्यादा सफल होंगे जो अफोर्डेबिलिटी और बड़े घरों की डिमांड के बीच सही बैलेंस बना पाएंगे।
