India Warehouse Sector: ऑटो सेक्टर की डिमांड से वेयरहाउसिंग मार्केट में **26%** का उछाल

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AuthorAditya Rao|Published at:
India Warehouse Sector: ऑटो सेक्टर की डिमांड से वेयरहाउसिंग मार्केट में **26%** का उछाल

साल 2026 के पहले नौ महीनों में भारत के टॉप-टियर वेयरहाउस लीजिंग में **26%** की जोरदार बढ़त देखी गई है और कुल लीजिंग **33.3 मिलियन वर्ग फीट** तक पहुंच गई है। ऑटो सेक्टर की बढ़ती मांग इसका मुख्य कारण है, हालांकि मुंबई जैसे शहरों में सप्लाई बढ़ने से चिंताएं भी बढ़ रही हैं।

बाजार की तेजी और बड़े निवेश

भारत का लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर फिलहाल एक मजबूत दौर से गुजर रहा है। साल 2026 के शुरुआती नौ महीनों में ग्रेड-ए इंडस्ट्रियल और वेयरहाउस स्पेस की लीजिंग में 26% की वृद्धि दर्ज की गई है। इस तेजी के पीछे ऑटोमोटिव और इंजीनियरिंग सेक्टर की बढ़ती गतिविधियां प्रमुख हैं।

इस सेक्टर में ग्लोबल निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। 7 अक्टूबर को Brookfield ने ₹4,300 करोड़ के बड़े निवेश का ऐलान किया, जिसके तहत वे 5 प्रमुख बाजारों में 10.5 मिलियन वर्ग फीट इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करेंगे। इससे पहले IndoSpace Core ने भी CPP Investments के सहयोग से ₹3,000 करोड़ का निवेश किया था, जो बताता है कि वैश्विक खिलाड़ी भारत की सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर पर दांव लगा रहे हैं।

डिमांड के मुख्य ड्राइवर्स

लीज़िंग में सबसे बड़ा हिस्सा थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL) का है, जो कुल स्पेस का एक-तिहाई उपयोग कर रहे हैं। हालांकि, सबसे आक्रामक ग्रोथ ऑटोमोटिव सेक्टर से आई है, जहां स्पेस की मांग में 70% का इजाफा हुआ है। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और ई-कॉमर्स सेक्टर में भी 30% की बढ़ोतरी देखी गई है।

क्षेत्रीय बदलाव और चेतावनी

देशभर में प्रदर्शन एक समान नहीं है। दिल्ली-NCR और चेन्नई अभी भी प्रमुख हब बने हुए हैं, जहां लीजिंग में क्रमशः 26% और 25% की बढ़त हुई है। पुणे और बेंगलुरु ने सबसे तेज रफ्तार पकड़ी है, जहां मांग में 70% और 61% का उछाल आया है।

वहीं, मुंबई में स्थिति थोड़ी अलग है, जो निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। वहां नई सप्लाई 41% बढ़ी है, जबकि लीजिंग एक्टिविटी में 14% की गिरावट आई है। यह 'ओवरसप्लाई' (oversupply) का रिस्क पैदा कर रहा है, जिससे भविष्य में रेंटल रेट्स पर दबाव पड़ सकता है। जानकारों का अनुमान है कि 2026 में कुल सालाना लीजिंग वॉल्यूम 40 मिलियन से 45 मिलियन वर्ग फीट तक रह सकता है, बशर्ते डेवलपर सप्लाई और डिमांड का सही संतुलन बनाकर रखें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.